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कूटनीतिक विवाद से आपदा तक: 2025 में अरुणाचल प्रदेश के सामने क्या चुनौतियां रहीं? जानें

 Published : Dec 22, 2025 03:00 pm IST,  Updated : Dec 22, 2025 03:03 pm IST

वर्ष की सबसे चर्चित घटना नवंबर में घटित हुई जब ब्रिटेन में रहने वाली अरुणाचल प्रदेश की मूल निवासी पेमा वांगजॉम थोंगडोक को लंदन से जापान जाते समय शंघाई एयरपोर्ट पर कथित तौर पर करीब 18 घंटे तक रोके जाने का मामला सामने आया।

Arunachla CM Prema khandu- India TV Hindi
अरुणाचल के सीएम प्रेमा खांडू Image Source : PTI

ईटानगर: वर्ष 2025 गुजरने वाला है और नए साल 2026 का आगमन होनेवाला है। ऐसे में जब हम पलटकर देखते हैं तो गुजरते साल में अरुणाचल प्रदेश को शंघाई हवाई अड्डे पर यहां की एक महिला के उत्पीड़न से जुड़े कूटनीतिक विवाद, एक बिजली परियोजना को लेकर जनआंदोलनों और प्राकृतिक आपदाओं समेत कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इन चुनौतियों ने देश के इस सीमांत पूर्वोत्तर राज्य की संवेदनशीलता और लचीलापन दोनों को उजागर किया। अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम से लेकर आंतरिक असंतोष और आपदा प्रबंधन तक 2025 इस राज्य के लिए कई मायनों में निर्णायक रहा। 

राजनीतिक मोर्चे पर क्या बदलाव हुआ?

राजनीतिक मोर्चे की बात करें तो  इस साल राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का दबदबा साफ तौर पर दिखा। बीजेपी ने जिला परिषद और ग्राम पंचायत चुनावों में शानदार प्रदर्शन करते हुए 245 में से 170 जिला परिषद सदस्य (जेडपीएम) सीटें जीतीं, जिनमें 59 सीटें निर्विरोध रहीं। इसके अलावा, ईटानगर नगर निगम के 20 वार्ड में से 14 पर भाजपा ने जीत दर्ज की। पासीघाट नगर परिषद में भाजपा को दो और उसकी सहयोगी पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल (पीपीए) को पांच सीटें मिलीं। कांग्रेस इन दोनों शहरी निकायों में खाता भी नहीं खोल सकी। 

शंघाई हवाई अड्डे पर महिला को रोका

वर्ष की सबसे चर्चित घटना नवंबर में घटित हुई जब ब्रिटेन में रहने वाली अरुणाचल प्रदेश की मूल निवासी पेमा वांगजॉम थोंगडोक को लंदन से जापान जाते समय शंघाई एयरपोर्ट पर कथित तौर पर करीब 18 घंटे तक रोके जाने का मामला सामने आया। उन्होंने आरोप लगाया कि चीनी आव्रजन अधिकारियों ने उनके भारतीय पासपोर्ट को ‘‘अवैध’’ बताते हुए अरुणाचल प्रदेश को चीन का हिस्सा बताया और उन पर यह दावा स्वीकार करने का दबाव डाला। केंद्र सरकार ने इस पर कड़ा विरोध दर्ज कराया और शंघाई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने हस्तक्षेप किया। अरुणाचल प्रदेश के सीएम पेमा खांडू ने इसे भारत की संप्रभुता पर हमला करार दिया।

सियांग अपर बहुउद्देशीय परियोजना पर विरोध

घरेलू स्तर पर 11,000 मेगावाट क्षमता वाली सियांग अपर बहुउद्देशीय परियोजना को लेकर भी बड़ा विरोध देखने को मिला। आदिवासी ‘आदि’ समुदाय ने आशंका जताई कि इससे बड़े पैमाने पर विस्थापन और ऐसा  पर्यावरणीय नुकसान होगा जिसकी भरपाई मुश्किल है। हालांकि, मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि स्थानीय लोग परियोजना नहीं चाहते तो इसे आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। विशेषज्ञों ने इसे चीन द्वारा ब्रह्मपुत्र की ऊपरी धारा में बनाए जा रहे बांध के जवाब में रणनीतिक परियोजना बताया। 

वहीं अरुणाचल में इस साल भ्रष्टाचार का भी एक बड़ा मामला सामने आया, जब ‘फ्रंटियर हाईवे’ परियोजना के एक हिस्से के मुआवजे में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोप लगे। जांच के बाद कई अधिकारियों को सस्पेंड किया गया और एक अधिकारी को गिरफ्तार भी किया गया। इसके अलावा, पाकिस्तानी ‘हैंडलर्स’ को संवेदनशील सूचनाएं साझा करने के आरोप में चार लोगों की गिरफ्तारी और अंजॉ जिले में हुए भीषण सड़क हादसे ने भी सुर्खियां बटोरीं। आठ दिसंबर को घटी इस दुर्घटना में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। मानसून के दौरान आई बाढ़ और भूस्खलन में 16 लोगों की मौत हुई और हजारों लोग प्रभावित हुए। कुल मिलाकर 2025 अरुणाचल प्रदेश के लिए चुनौतियों से भरा रहा, जिसने राज्य की रणनीतिक अहमियत, प्रशासनिक क्षमता और सामाजिक चेतना को नए सिरे से परिभाषित किया। 

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