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अरुणाचल की महिला के खिलाफ चीनी कार्रवाई पर भड़का भारत, कहा-मनमाना रवैया संबंधों की बहाली में नहीं होगा मददगार

 Published : Nov 26, 2025 11:07 pm IST,  Updated : Nov 26, 2025 11:07 pm IST

जायसवाल ने कहा, ‘‘चीन की मनमानी कार्रवाइयां, जैसा कि मैंने अरुणाचल प्रदेश की एक भारतीय नागरिक के मामले में की गई, दोनों पक्षों द्वारा परस्पर विश्वास और तालमेल बनाने तथा द्विपक्षीय संबंधों को धीरे-धीरे सामान्य करने के लिए किए जा रहे प्रयासों के लिए बहुत ही अनुपयोगी हैं।’’

MEA- India TV Hindi
MEA Image Source : AP

नई दिल्ली: भारतीय विदेश मंत्रालय ने अरुणाचल प्रदेश की महिला को चीन के शंघाई हवाई अड्डे पर डिटेन किए जाने की घटना पर बेहद सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को विदेश मंत्रालय ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश की एक महिला यात्री के खिलाफ चीन की ‘‘मनमानी कार्रवाई’’ दोनों देशों के बीच परस्पर विश्वास बहाली और तालमेल बनाने में बाधा उत्पन्न कर सकती है।

भारत ने चीन को चेताया

 मंत्रालय ने यह भी कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और सौहार्द बनाए रखना भारत-चीन संबंधों के निरंतर और समग्र विकास के लिए एक पूर्व शर्त है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भारतीय नागरिक पेमा वांग थोंगडोक को ‘‘मनमाने तरीके से रोके जाने’’ का उल्लेख करते हुए कहा कि अरुणाचल प्रदेश भारत का ‘‘अभिन्न और अविभाज्य’’ अंग है और चीनी पक्ष द्वारा किसी भी तरह के इनकार से इस ‘‘निर्विवाद वास्तविकता’’ में कोई बदलाव नहीं आने वाला है। थोंगडोक ने आरोप लगाया कि 21 नवंबर को शंघाई हवाई अड्डे पर चीनी आव्रजन अधिकारियों ने उन्हें 18 घंटे तक रोके रखा, क्योंकि जन्म का स्थान अरुणाचल होने के कारण उन्होंने उनके भारतीय पासपोर्ट को मान्यता देने से इनकार कर दिया था।

भारत ने की सख्ती तो आरोपों से मुकरा चीन

भारत के सख्त रवैये को देखते हुए चीन आरोपों से मुकर गया है। चीनी विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कार्रवाई नियमों के अनुसार की गई। उसने अरुणाचल प्रदेश पर चीन के दावे को भी दोहराया। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान जारी कर चीन की प्रतिक्रिया को खारिज कर दिया। जायसवाल ने कहा, ‘‘चीन की मनमानी कार्रवाइयां, जैसा कि मैंने अरुणाचल प्रदेश की एक भारतीय नागरिक के मामले में की गई, दोनों पक्षों द्वारा परस्पर विश्वास और तालमेल बनाने तथा द्विपक्षीय संबंधों को धीरे-धीरे सामान्य करने के लिए किए जा रहे प्रयासों के लिए बहुत ही अनुपयोगी हैं।’’ 

चीन के कहने से नहीं बदल जाएगी अरुणाचल की वास्तविकता

जायसवाल ने कहा, ‘‘हम कहना चाहते हैं कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है, और यह एक ऐसा तथ्य है जो स्वयंसिद्ध है। चीनी पक्ष द्वारा चाहे जितना भी इनकार किया जाए, इस निर्विवाद वास्तविकता को बदलने वाला नहीं है।’’ उन्होंने यह भी कहा कि ‘‘सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और सौहार्द बनाए रखना भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों के निरंतर और समग्र विकास के लिए एक पूर्व शर्त है।(भाषा)

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