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Hindi News भारत राष्ट्रीय PM मोदी ने किया कर्तव्य भवन-3 का उद्घाटन, कौन-कौन से मंत्रालय होंगे शिफ्ट, फिर नॉर्थ और साउथ ब्लॉक का क्या होगा?

PM मोदी ने किया कर्तव्य भवन-3 का उद्घाटन, कौन-कौन से मंत्रालय होंगे शिफ्ट, फिर नॉर्थ और साउथ ब्लॉक का क्या होगा?

सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत 10 नई सरकारी इमारत बनाने की योजना है। इन सभी इमारतों का नाम कर्तव्य भवन होगा। इनमें से सबसे पहले बनकर तैयार कर्तव्य भवन-3 का उद्घाटन आज हुआ है। कर्तव्य भवन-3 में गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय समेत कई मंत्रालयों के ऑफिस होंगे।

kartvya bhavan- India TV Hindi Image Source : PTI कर्तव्य भवन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर कर्तव्य भवन-3 का उद्घाटन किया। इसके बाद शाम साढ़े 6 बजे वह एक सार्वजनिक कार्यक्रम को भी संबोधित करेंगे। बता दें कि दिल्ली के अलग-अलग भवनों में बिखरे केंद्र सरकार के सभी मंत्रालय और विभाग अब जल्द ही कर्तव्य पथ के दोनों तरफ बन रहे कर्तव्य भवनों में दिखेंगे। कर्तव्य भवन-3 कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट (CSS) की 10 बिल्डिंग में पहली है। यह सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का हिस्सा है। 

कर्तव्य भवन-3 में कौन-कौन से मंत्रालय होंगे?

नए भवन में गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, MSME, डीओपीटी (कार्मिक मंत्रालय), पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय और प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार का कार्यालय होगा। कुछ मंत्रालय आज से ही इसमें शिफ्ट हो जाएंगे। ये मंत्रालय शास्त्री भवन, कृषि भवन, निर्माण भवन और उद्योग भवन से शिफ्ट होंगे। 1950-70 के दशक में बनीं इन पुराने भवनों की स्थिति जर्जर हो चुकी है। सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत ऐसे 10 कर्तव्य भवन बनाए जाने हैं, इनमें से बने सबसे पहल भवन का उद्घाटन पीएम मोदी आज करने जा रहे हैं।

PMO ने बताया कि जिस कर्त्तव्य भवन-3 का उद्घाटन किया जा रहा है, वह सेंट्रल विस्टा के व्यापक परिवर्तन का एक हिस्सा है। यह कई आगामी कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरियट भवनों में से पहला है, जिसका उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित और चुस्त शासन को सक्षम बनाना है।

Image Source : x- aniकर्तव्य भवन

कर्तव्य भवन में क्या है खास?

  1. कर्तव्य भवन-3 दिल्ली के जनपथ पर बनाया गया है। 1.5 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में फैली इस इमारत में बेसमेंट के 2 लेवल और ग्राउंड फ्लोर को मिलाकर 10 फ्लोर हैं।
  2. इमारत में 600 गाड़ियों की पार्किंग की व्यवस्था की गई है। इनमें 24 मुख्य कॉन्फ्रेंस रूम हैं, जबकि 26 छोटे कॉन्फ्रेंस रूम हैं।
  3. भवन में सुरक्षित और आईटी-सक्षम कार्यस्थल, स्मार्ट एंट्री सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक निगरानी और कमांड सेंटर, सोलर पैनल, सौर वॉटर हीटर और ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन जैसी सुविधाएं हैं। 
  4. यह पर्यावरण के अनुकूल निर्माण को भी बढ़ावा देता है, जिसमें अपशिष्ट जल का पुन: उपयोग, ठोस कचरा प्रबंधन प्रणाली शामिल हैं। 
  5. इमारत को ठंडा रखने और बाहरी ध्वनि प्रदूषण को कम करने के लिए इसमें कांच की विशेष खिड़कियां लगाई गई हैं।
  6. कर्तव्य भवन को 30 प्रतिशत कम ऊर्जा खपत के लिए तैयार किया गया है। ऊर्जा की बचत करने वाली एलईडी लाइटें, जरूरत न होने पर लाइटें बंद करने वाले सेंसर, बिजली बचाने वाली स्मार्ट लिफ्टें लगाई गई हैं।

नॉर्थ और साउथ ब्लॉक का क्या होगा?

नॉर्थ और साउथ ब्लॉक में मौजूद सभी मंत्रालय कर्तव्य भवन में शिफ्ट हो जाएंगे। तो अब सवाल यह है कि नॉर्थ और साउथ ब्लॉक का क्या होगा? तो आपको बता दें कि दोनों ही ब्लॉक को खाली कराकर इन्हें म्यूजियम में तब्दील किया जाएगा। जिसका नाम ' युगे युगीन भारत ' म्यूजियम रखा जाएगा। इस दौरान ढांचे के साथ किसी तरह का छेड़छाड़ किए बगैर इसमें महाभारत काल से लेकर देश के आज तक के इतिहास, कला व संस्कृति आदि को प्रदर्शित किया जाएगा।

नए भवन की जरूरत क्यों पड़ी?

शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने नवनिर्मित कर्तव्य भवन-3 के सभागार में मंगलवार को पत्रकारों से चर्चा में बताया कि अगले महीने तक कर्तव्य भवन-1 और कर्तव्य भवन-2 भी बनकर तैयार जाएंगे। दोनों का काम लगभग अंतिम चरण में है। प्रस्तावित अन्य सात भवन भी अप्रैल 2027 तक बनकर तैयार हो जाएंगे। इस परियोजना पर करीब 1000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मंत्री खट्टर ने एक सवाल के जवाब में बताया कि मंत्रालयों के नए और अत्याधुनिक भवनों को बनाने की जरूरत इसलिए पड़ी, क्योंकि इनके जो मौजूदा भवन हैं वह 1950 से 1970 के बीच बनाए गए थे। ये सभी पुराने हो गए है, इनका सालाना रखरखाव काफी महंगा हो गया था। 

देखें कर्तव्य भवन का वीडियो-

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