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तहव्वुर राणा को भारत लाने के बाद NIA ने जारी किया बयान, कहा- उसके पास कोई रास्ता नहीं बचा था

NIA ने 2008 मुंबई आतंकी हमलों के साजिशकर्ता तहव्वुर राणा का प्रत्यर्पण सफलतापूर्वक पूरा किया। राणा की याचिकाएं खारिज होने के बाद उसे भारत लाया गया। हमलों में 166 लोग मारे गए और 238 घायल हुए थे।

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Image Source : PTI भारत कई सालों से तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण की कोशिशों में लगा हुआ था।

नई दिल्ली: राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी कि NIA ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के मुख्य साजिशकर्ता तहव्वुर हुसैन राणा के प्रत्यर्पण को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया है। केंद्रीय एजेंसी ने कहा, ‘यह उपलब्धि वर्षों की लगातार और समन्वित कोशिशों का नतीजा है, जिसके तहत इस खूंखार आतंकी हमले के मास्टरमाइंड को न्याय के कटघरे में लाने की कोशिश की गई। राणा को भारत-अमेरिका प्रत्यर्पण संधि के तहत शुरू की गई कार्रवाइयों के बाद अमेरिका में हिरासत में रखा गया था। प्रत्यर्पण की प्रक्रिया तब पूरी हुई जब राणा के पास इस कदम को रोकने के लिए कोई कानूनी रास्ता नहीं बचा।’

‘तहव्वुर राणा की सभी याचिकाएं खारिज हो गईं’

NIA ने अपने बयान में कहा, ‘कैलिफोर्निया की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने 16 मई 2023 को राणा के प्रत्यर्पण का आदेश दिया था। इसके बाद राणा ने नाइंथ सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स में कई मुकदमे दायर किए, लेकिन सभी खारिज हो गए। फिर उसने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में रिट ऑफ सर्टियोरेरी याचिका, दो हेबियस याचिकाएं और एक इमरजेंसी एप्लीकेशन दायर किया, लेकिन ये भी अस्वीकार कर दिए गए। भारत सरकार ने अमेरिकी सरकार से वॉन्टेट आतंकी के लिए सरेंडर वारंट हासिल करने के बाद दोनों देशों के बीच प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू की थी। अमेरिकी न्याय विभाग और यूएस स्काई मार्शल की मदद से NIA ने अन्य भारतीय खुफिया एजेंसियों और NSG के साथ मिलकर इस प्रक्रिया को अंजाम दिया।’

मुंबई हमलों में मारे गए थे 166 लोग, 238 हुए थे घायल

बयान में कहा गया, ‘भारत के विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय ने भी अमेरिका के संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय कर इस मामले को सफलतापूर्वक पूरा किया। राणा पर आरोप है कि उसने डेविड कोलमैन हेडली उर्फ दाऊद गिलानी, लश्कर-ए-तैयबा और हरकत-उल-जिहादी इस्लामी जैसे आतंकी संगठनों के सदस्यों और पाकिस्तान स्थित अन्य साजिशकर्ताओं के साथ मिलकर 2008 में मुंबई में विनाशकारी आतंकी हमले करवाए थे जिनमें 166 लोग मारे गए थे और 238 से अधिक घायल हुए थे। NIA ने अपने बयान में कहा कि भारत सरकार ने गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), 1967 के तहत लश्कर-ए-तैयबा और हरकत-उल-जिहादी इस्लामी को आतंकी संगठन घोषित किया है।

इन धाराओं के तहत हुई है राणा की गिरफ्तारी

तहव्वुर राणा को IPC की धारा 120B, 121, 121A, 302, 468, 471 और UAPA के सेक्शन 16,18 और 20 के तहत गिरफ्तार किया गया है। NIA ने इस मामले में 11 नवंबर 2009 को केस दर्ज किया था।

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