कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के भारत दौरे से पहले टोरंटो ने एक बड़ा फैसला लिया है। कनाडा ने भारत के दुश्मन और मुंबई हमले के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा की नागरिकता रद्द करने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
26/11 मुंबई आतंकी हमले से जुड़े आतंकी तहव्वुर राणा को कोर्ट ने भाई से फोन पर बात करने की अनुमति दे दी है। आइए जानते हैं इसके पीछे का कारण।
26/11 मुंबई आतंकवादी हमले का साजिशकर्ता तहव्वुर राणा ने दावा किया कि वह पाकिस्तानी सेना का एक भरोसेमंद व्यक्ति था। इराक द्वारा कुवैत पर आक्रमण के दौरान उसे सऊदी अरब में एक गुप्त मिशन पर भी भेजा गया था।
मेरिकी नागरिक डेविड कोलमैन हेडली उर्फ दाऊद गिलानी के करीबी सहयोगी राणा को चार अप्रैल को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ उसकी समीक्षा याचिका खारिज करने के बाद भारत लाया गया था।
अमेरिका से प्रत्यर्पण कर भारत लाया गया आंतकी तहव्वुर राणा NIA की हिरासत में है। एनआईए की टीम उससे लगातार पूछताछ कर रही है। एनआईए ने शनिवार को उसे दिल्ली की एक कोर्ट में पेश किया।
मुंबई आतंकी हमले में शामिल आतंकवादी तहव्वुर राणा की वॉइस और लिखावट के सैंपल लेने को लेकर एनआईए ने कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे कोर्ट ने अनुमति दे दी है।
तहव्वुर राणा की हिरासत को बढ़ा दिया गया है। वह 26/11 मुंबई हमले के प्रमुख साजिशकर्ताओं में से एक माना जाता है। उसे मुंबई हमले के मास्टरमाइंड डेविड कोलमैन हेडली का करीबी बताया जाता है।
एनाआईए की पूछताछ में मुंबई आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर राणा ने कई खुलासे किए हैं। मुंबई के साथ ही उसके निशाने पर दिल्ली भी थी। उसने ये भी बताया कि किन आतंकी संगठनों से उसके ताल्लुकात थे?
तहव्वुर राणा को अमेरिका की जेल से भारत लाया गया है। यहां एनआईए लगातार उससे पूछताछ कर रही है। इस बीच अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने राणा से जुड़ी कई अहम जानकारियां साझा की हैं।
26/11 मुंबई आतंकी हमले के मुख्य साजिशकर्ता तहव्वुर राणा को एनआईए की हिरासत में कड़ी सजा का डर सताने लगा है। उसे डर है कि कसाब की तरह ही उसे भी फांसी की सजा न सुना दी जाए। ऐसे में राणा लगातार अधिकारियों ने कानूनी प्रक्रिया और सजा के बारे में जानकारी इकट्ठा कर रहा है।
मुंबई हमले का साजिशकर्ता अब कई राज खोलेगा। एनआईए उससे कड़ी पूछताछ करने में जुट गई है। राणा के वकील ने प्रत्यर्पण को रोकने के लिए अमेरिकी कोर्ट में कई दलीलें दी थीं। इसके बावजूद कोर्ट ने एक न सुनी और उसे भारत लाया गया।
मुंबई हमले के आरोपी तहव्वुर राणा को दिल्ली में हाई सिक्योरिटी सेल में रखा गया है। वह पांच बार नमाज पढ़ता है और सेल में उसने तीन चीजें मांगी हैं-कुरान, कॉपी और कलम। पूछताछ में उसने कई राज खोले हैं।
आतंकी तहव्वुर राणा ने पूछताछ में बताया कि उसे अपनी वर्दी और भारत विरोधी भावनाओं का जुनून है। एनआईए के सामने आतंकी ने खोले कई गहरे राज, जानें क्या?
मुंबई हमले के आरोपी तहव्वुर राणा को एनआईए मुख्यालय में कड़े सुरक्षा वाले सेल में रखा गया है। राणा से पूछताछ में कई जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मुंबई हमले के साजिशकर्ता और पाकिस्तानी आतंकी तहव्वुर हुसैन राणा को भारत प्रत्यर्पित किए जाने पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा है कि मुंबई आतंकी हमले के पीड़ितों को अब न्याय का समय आ गया है।
26/11 आतंकी हमलों के आरोपी तहव्वुर राणा को अमेरिका से भारत लाए जाने के बाद 18 दिनों के लिए NIA की कस्टडी में भेज दिया गया है। अब आदित्य ठाकरे ने राणा को भरे चौक में फांसी देने की मांग की है।
बड़ी बात ये है कि तहव्वुर राणा के केस की मदद से पाकिस्तान की कलई खुलेगी। वहां की फौज और ISI बड़ी बेशर्मी से इस बात का खंडन करते हैं कि 26/11 के हमले में उनका हाथ नहीं था।
मुंबई आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर राणा को भारत लाया जा चुका है। तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारुक अबदुल्ला ने कहा कि मेरी बधाई, लेकिन वो काला धन लेकर आ रहे थे, उसका क्या?
मुंबई हमले का मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा अब अमेरिका से भारत लाया जा चुका है। उसे एनआईए ने 18 दिन की हिरासत में लिया है। एनआईए अब आंतकी राणा से कई राज उगलवाएगी और कोर्ट में भी उसे पेश किया जाएगा। इस मामले पर सीनियर नेता कपिल सिब्बल की प्रतिक्रिया सामने आई है।
संजय राउत ने कहा कि तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण का क्रेडिट बीजेपी लेना चाह रही है। वो इसका इस्तेमाल चुनावों में करेगी। उन्होंने दावा किया कि बिहार और बंगाल के चुनाव के से पहले तहव्वुर राणा को फांसी पर लटका दिया जाएगा।
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