मुंबई आतंकी हमले यानी 26/11 के आरोपी तहव्वुर राणा को भारत लाया जा चुका है। तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारुक अबदुल्ला न कहा, "मेरी बधाई कि वे कम से कम किसी को तो वापस लाए। वे काला धन भी वापस ला रहे हैं और सभी को 15 लाख रुपये देने वाले हैं, उसका क्या हुआ?" वहीं इस मामले पर कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने शुक्रवार को कहा कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए का गठन मुंबई में 26/11 के आतंकी हमलों का नतीजा था। उन्होंने कहा कि केंद्रीय आतंकवाद निरोधी कानून प्रवर्तन एजेंसी की स्थापना यूपीए सरकार (कांग्रेस सरकार) के दौरान ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए की गई थी।
तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण का कपिल सिब्बल ने किया स्वागत
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कपिल सिब्बल ने कहा, जब से मुंबई में 26/11 का हमला हुआ और उस हमले में कई लोगों की मौत हो गई। उसके बाद यह जरूरी था कि आतंकवादी गतिविधियों में शामिल लोगों को कानूनी रूप से दंडित किया जाए। इसलिए यूपीए के समय में एनआईए को बनाया गया था। 11 नवंबर 2009 को इस घटना में एक मामला दर्ज किया गया था, जिसमें डेविल कोलमैन हेडली के अलावा तहव्वुर राणा को आरोपी बनाया गया। उन्होंने कहा कि तहव्वुर राणा को अमेरिका के शिकागो में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन फिर उसे रिहा कर दिया गया।
क्या बोले कपिल सिब्बल
कपिल सिब्बत ने बताया कि जब एनआईए ने इस मुद्दे पर अमेरिकी सरकार के समक्ष अपनी नाराजगी व्यक्त की और कहा कि तहव्वुर राणा पर कुछ आरोप नहीं लगाए गए थे। उन्होंने तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यरप्ण का स्वागत किया और इसके लिए पिछली यूपीए सरकार और वर्तमान की एनडीए सरकार दोनों की तारीफ की। इस दौरान सिब्बल ने कहा कि राणा के प्रत्यर्पण के साथ ही पाकिस्तान के अन्य षड्यंत्रकारियों का भी खुलासा होगा। आज हमारे आरोपी हमारे सामने और चीजे और भी ज्यादा स्पष्ट हो जाएगी, क्योंकि हम जानते हैं कि केवल तबव्वुर राणा और डेविड हेडली ही साजिशकर्ता नहीं थे, बल्कि इसमें और लोग भी शामिल थे।