नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने श्रीनगर में एक कार्यक्रम के बाद केंद्र सरकार और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में लोगों की हत्याओं और मुश्किलों पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर नई दिल्ली इस इलाके को अपना मानती है, तो उसे इस पर आवाज उठानी चाहिए।
"PoK के हालात पर दखल दें"
पत्रकारों से बात करते हुए फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि उन्होंने कई बार संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार निकायों, प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री से अपील की है कि वे दखल दें और PoK के हालात को सुधारें। उन्होंने कहा, "मैंने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग से अपील की है कि वे वहां जाकर लोगों की समस्याएं देखें और समाधान की कोशिश करें। मैंने प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री से भी अपील की है।"
केंद्र सरकार के रुख पर सवाल उठाते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार अक्सर PoK को भारत का अभिन्न अंग बताती है, लेकिन वहां हत्याएं और कथित मानवाधिकार उल्लंघनों की खबरों पर चुप रहती है। उन्होंने कहा, "अगर यह आपका हिस्सा है, तो वहां हो रही घटनाओं पर बात क्यों नहीं करते? आप क्यों नहीं कहते कि हत्याएं बंद होनी चाहिए? मैंने उनकी ओर से कोई बयान नहीं सुना है।"
छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर क्या कहा?
फारूक अब्दुल्ला ने छात्रों के नेतृत्व में चल रहे विरोध प्रदर्शनों का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि अगर अधिकारी प्रदर्शनकारियों की मांगों को पूरा करने में नाकाम रहते हैं, तो आंदोलन जारी रहेगा। अगर उनसे किए गए वादे पूरे नहीं किए जाते और इसके बजाय उन पर FIR दर्ज की जाती है, उन्हें गिरफ्तार किया जाता है और परेशान किया जाता है, तो यह अभियान जारी रहेगा। छात्र जाग गए हैं, और ईश्वर ने चाहा तो वे इसे आगे बढ़ाएंगे।
अनंतनाग में हुई कार्रवाई की आलोचना
उन्होंने हाल की अनंतनाग घटना के बाद की गई कथित कार्रवाई की भी आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि हजारों लोगों को गिरफ्तार किया गया और घर गिरा दिए गए। साथ ही, उन्होंने सरकार से ऐसी कार्रवाई से बचने को कहा, जिससे लोग और दूर हो सकते हैं। हाल ही में अनंतनाग में ड्रग नेटवर्क से बनाई गईं संपत्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई की गई थी।
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