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NIA ने की सख्त कार्रवाई, LeT से जुड़ी सीमा-पार आतंकी साजिश के मामले में कश्मीर में 7 जगहों पर की छापेमारी

 Reported By: Manzoor Mir,  Written By: Rituraj Tripathi
 Published : Sep 12, 2026 02:40 pm IST,  Updated : Sep 12, 2026 02:40 pm IST

आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने शनिवार को कश्मीर घाटी में सात रिहायशी ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।

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NIA ने की सख्त कार्रवाई Image Source : PTI/FILE

श्रीनगर: आतंकवाद-विरोधी अपनी चल रही जांच को और तेज करते हुए, नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने शनिवार को कश्मीर घाटी में सात रिहायशी ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया।

ये छापे दक्षिण और उत्तर कश्मीर में उन जगहों पर मारे गए जो लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़ी सीमा-पार आतंकी साजिश की जांच का हिस्सा थे। इस साजिश में पाकिस्तान में बैठे हैंडलर और 'ओवर ग्राउंड वर्कर्स' (OGW) का स्थानीय नेटवर्क शामिल है।

अधिकारियों के मुताबिक, तलाशी अभियान कुलगाम जिले में दो जगहों, बांदीपोरा जिले में तीन जगहों और बारामूला जिले के सोपोर इलाके में दो जगहों पर चलाया गया। स्थानीय पुलिस और सुरक्षाकर्मियों की मदद से NIA की टीमों ने एजेंसी के केस RC-02/2026/NIA/JMU से जुड़े रिहायशी ठिकानों पर ध्यान केंद्रित किया।

अधिकारियों ने बताया कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और जानकारी मिलने की उम्मीद है।

चेकिंग के दौरान मिली थी जानकारी

इस मामले की शुरुआत 31 मार्च, 2026 को हुई थी, जब जम्मू-कश्मीर पुलिस ने श्रीनगर के जकूरा के पास देर रात नाका चेकिंग के दौरान एक मोटरसाइकिल सवार को रोका और उसके पास से एक हैंड ग्रेनेड और जिदा कारतूस बरामद किए। उस व्यक्ति की पहचान प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े कथित 'ओवर ग्राउंड वर्कर' के तौर पर हुई थी।

जकूरा पुलिस स्टेशन में दर्ज स्थानीय FIR (नंबर 24/2026) को बाद में NIA ने अपने हाथ में ले लिया और इसे RC-02/2026/NIA/JMU के तौर पर फिर से दर्ज किया। इस मामले में गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की धारा 23, शस्त्र अधिनियम, 1959 की धारा 7 और 25, और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 की धारा 4 के तहत प्रावधान लागू किए गए हैं।

अब तक की जांच से एक बड़ी साज़िश का पता चला है जिसमें पाकिस्तान में बैठे हैंडलर स्थानीय मददगारों को निर्देश दे रहे थे। आरोप है कि इन OGWs ने घुसपैठ करने वाले आतंकवादियों को लॉजिस्टिकल सपोर्ट, पनाह, रेकी (निगरानी), संचार में मदद और अन्य तरह की सहायता मुहैया कराई थी। इस साज़िश से जुड़े पाकिस्तानी नागरिकों को पहले ही गिरफ़्तार किया जा चुका है और स्थानीय सपोर्ट नेटवर्क के कई सदस्यों की भूमिकाओं का पता लगाया गया है।

शनिवार को कई ज़िलों में की गई कार्रवाई से पता चलता है कि NIA घाटी में बचे-खुचे आतंकी सपोर्ट नेटवर्क को खत्म करने पर लगातार ध्यान दे रही है। अधिकारियों ने बताया कि जांच जारी है और आगे की जानकारी का इंतजार है।

इससे पहले आतंकी साजिश के मामले में NIA ने जम्मू-कश्मीर में 10 जगहों पर छापेमारी की थी।

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