अंताल्या में हुए आर्चरी वर्ल्ड कप के रिकर्व मिक्स्ड टीम इवेंट में धीरज बोम्मादेवरा और युवा कुमकुम मोहोद ने इतिहास रचते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया है। तीरंदाजी विश्व कप स्टेज-3 में धीरज और कुमकुम की जोड़ी का सामना ओलंपिक चैंपियन साउथ कोरिया की ओह ये जिन और किम जे देओक से था, जिसमें भारतीय जोड़ी ने 5-1 (37-36, 37-36, 39-39) के बड़े अंतर से मात दी और गोल्ड मेडल को अपने नाम करने में कामयाब रही।
धीरज ने आखिरी दो शॉट में किया परफेक्ट 10 का स्कोर
धीरज और कुमकुम की जोड़ी के लिए ओलंपिक चैंपियन का फाइनल में सामना करना आसान नहीं था, जिसमें दोनों जोड़ियों के बीच में कड़ी टक्कर देखने को मिली। खिताबी मुकाबले के दबाव वाले आखिरी पलों में भी भारतीय जोड़ी ने अपना संयम बनाए रखा और नहीं खोया धीरज ने फाइनल मुकाबले में अपने आखिरी दो शॉट में परफेक्ट 10 का स्कोर करने के साथ जीत को पूरी तरह से पक्का करने का काम किया। मिश्रित टीम स्पर्धा में धीरज और कुमकुम दोनों के लिए यह पहला विश्व कप स्वर्ण पदक है। कुमकुम इससे पहले पिछले महीने शंघाई विश्व कप चरण दो में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारत की महिला रिकर्व टीम का भी हिस्सा थीं। इससे पहले विश्व कप चरण में भारत ने पिछला रिकर्व मिश्रित टीम गोल्ड मेडल साल 2022 में अंताल्या में ही जीता था, जब रिद्धि फोर और तरुणदीप राय ने ब्रिटेन की ब्रायोनी पिटमैन और एलेक्स वाइज की जोड़ी को फाइनल मुकाबले में मात दी थी।
मिक्स्ड टीम इवेंट में पहला वर्ल्ड कप गोल्ड मेडल
दोनों तीरंदाजों के लिए मिक्स्ड टीम इवेंट में पहला वर्ल्ड कप गोल्ड मेडल है। अब सभी का ध्यान उनके धीरज के व्यक्तिगत सेमीफाइनल में भाग लेने पर है जहां वह एक और मेडल जीतने की दौड़ में बने हुए हैं। धीरज जो अभी वर्ल्ड रैंकिंग में 16वें नंबर पर है भारत के सबसे ऊंचे रैंक वाले रिकर्व तीरंदाज हैं। धीरज ने इससे पहले 2024 में अंकिता भक्त के साथ और 2025 में भजन कौर के साथ मिश्रित टीम में कांस्य पदक जीते थे। धीरज ने गोल्ड मेडल जीतने के बाद कहा कि सच कहूं तो जब मैं कुमकुम के साथ खेलता हूं तो उससे बहुत कुछ सीखता हूं। मैं अपना अनुभव तो साझा करता ही हूं लेकिन उसके निडर रवैये से और भी अधिक सीखता हूं। वह इस सोच के साथ निशाना लगाती है कि सामने कौन है इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। हमने इस मुकाबले में सिर्फ उन चीजों पर ध्यान दिया जो जरूरी थीं।
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