न्यूयॉर्क/ वॉशिंगटन: मुंबई हमले के साजिशकर्ता पाकिस्तानी मूल के कनाडाई नागरिक तहव्वुर हुसैन राणा को भारत प्रत्यर्पित किए जाने के बाद अमेरिका का एक और बड़ा बयान सामने आया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने शुक्रवार को कहा कि भारत और अमेरिका 26/11 मुंबई हमलों के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए लंबे समय से प्रयास करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण के साथ ही मुंबई हमले के पीड़ितों के लिए न्याय का वह दिन आ गया है।
मार्को रुबियो ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “हमने तहव्वुर हुसैन राणा को भारत प्रत्यर्पित किया है, ताकि 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों की साजिश में भूमिका के लिए उसके खिलाफ मुकदमा चलाया जा सके। हम उन हमलों में जान गंवाने वाले छह अमेरिकी नागरिकों समेत 166 लोगों को न्याय दिलाने के लिए भारत के साथ मिलकर लंबे समय से प्रयास कर रहे हैं। मुझे खुशी है कि वह दिन आ गया है।”
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा कि मुंबई के इस आतंकी हमले ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया था। यूएस विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने बृहस्पतिवार को कहा कि अमेरिका ने 64 वर्षीय राणा को ‘‘2008 के भयानक आतंकवादी हमलों के षड्यंत्र में उसकी भूमिका के कारण न्याय का सामना करने के लिए’’ नौ अप्रैल को भारत प्रत्यर्पित किया। अमेरिका ने इन हमलों के लिए जिम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे में लाने के भारत के प्रयासों का लंबे समय से समर्थन किया है और जैसा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है, अमेरिका और भारत आतंकवाद के वैश्विक संकट से निपटने के लिए मिलकर काम करते रहेंगे।’’ उन्होंने बताया कि राणा ‘‘भारत के कब्जे में है और हमें इस मामले में हुई प्रगति पर गर्व है।’’ ब्रूस ने कहा कि कुछ लोगों को शायद वे हमले याद न हों, जिनमें छह अमेरिकियों सहित 166 लोगों की दुखद मौत हो गई थी और इन हमलों ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया था।
बता दें कि 26 नवंबर 2008 को पाकिस्तान से आए करीब 10 आतंकवादियों ने मुंबई को दहला दिया था। इसमें एक मात्र जिंदा पाकिस्तानी आतंकी अजमल आमिर कसाब पकड़ा गया था, जिसे बाद में मुकदमा चलाकर फांसी दी गई थी। अमेरिका प्रवक्ता ने कहा कि ‘‘मैं आपको यह देखने और यह समझने के लिए प्रोत्साहित करती हूं कि आज की स्थिति के लिहाज से यह कितना भयानक हमला था।’’ बता दें कि राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने मुंबई हमलों के मुख्य आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा को शुक्रवार को 18 दिन की हिरासत में ले लिया। उससे 26/11 के आतंकवादी हमले की पूरी साजिश का पता लगाने के लिए विस्तार से पूछताछ की जाएगी।(भाषा)
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मार्को रुबियो को टैग कर अपने एक्स एकाउंट पर लिखा, "हम दोनों देशों के बीच आतंकवाद विरोधी सहयोग की सराहना करते हैं। यह वास्तव में 26/11 हमलों के पीड़ितों के लिए न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।"
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