मिडिल ईस्ट में बढ़ते राजनीतिक तनाव और हाल ही में ईरानी नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबरों ने दुनिया भर में हलचल पैदा कर दी है। इस वैश्विक घटनाक्रम का असर मनोरंजन जगत पर भी देखने को मिल रहा है। हाल ही में ईरान में जन्मी बॉलीवुड अभिनेत्री एलनाज नोरौजी ने सोशल मीडिया पर खामेनेई की मौत पर अपनी खुशी जाहिर की, जिसके बाद वह सुर्खियों में आ गईं। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य विवाद के इस दौर में उन बॉलीवुड कलाकारों की चर्चा भी तेज हो गई है, जिनका संबंध ईरान से है। भारतीय सिनेमा का ईरान के साथ रिश्ता काफी पुराना और गहरा रहा है, जहां कई कलाकारों ने अपनी जड़ों को ईरान से जोड़ते हुए बॉलीवुड में अपनी एक अलग पहचान बनाई है।
एलनाज नोरौजी
एलनाज नोरौजी पिछले नौ वर्षों से भारतीय फिल्म उद्योग में सक्रिय हैं। ईरान में जन्मी एलनाज ने अपनी मेहनत के दम पर बॉलीवुड में अपनी जगह बनाई है। उन्हें सबसे अधिक पहचान नेटफ्लिक्स की मशहूर क्राइम थ्रिलर सीरीज 'सेक्रेड गेम्स' से मिली, जहाँ उनके अभिनय की काफी सराहना की गई। अभिनय के अलावा, वह अपने बेहतरीन डांसिंग स्किल्स के लिए भी जानी जाती हैं और कई म्यूजिक वीडियो व फिल्मों में नजर आ चुकी हैं। वर्तमान परिस्थितियों में उनके द्वारा व्यक्त की गई राय ने उन्हें सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बना दिया है।
मंदाना करीमी
ईरानी मूल की दूसरी बड़ी कलाकार मंदाना करीमी हैं। मंदाना ने एक सफल मॉडल के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी और बाद में बॉलीवुड का रुख किया। उन्होंने 'भाग जॉनी' और 'क्या कूल हैं हम 3' जैसी फिल्मों में काम किया है। रियलिटी शो 'बिग बॉस' में आने के बाद उनकी लोकप्रियता काफी बढ़ गई थी। मंदाना अक्सर ईरान में महिलाओं के अधिकारों और वहां की राजनीतिक स्थिति पर अपनी राय बेबाकी से रखती रही हैं।
सज्जाद डेलाफ्रूज
सज्जाद डेलाफ्रूज एक और ईरानी अभिनेता हैं जिन्होंने हिंदी फिल्मों में अपनी एक खास जगह बनाई है। उन्हें सबसे बड़ी सफलता सलमान खान की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'टाइगर जिंदा है' से मिली, जिसमें उन्होंने मुख्य विलेन 'अबू उस्मान' की दमदार भूमिका निभाई थी। इसके अलावा वह नीरज पांडे की मशहूर सीरीज 'स्पेशल ऑप्स' में भी अपनी एक्टिंग का लोहा मनवा चुके हैं। सज्जाद की स्क्रीन प्रेजेंस और उनकी भाषा पर पकड़ उन्हें अन्य विदेशी कलाकारों से अलग बनाती है।
आगा
भारतीय सिनेमा के शुरुआती दौर में भी ईरानी मूल के कलाकारों का बड़ा योगदान रहा है। अभिनेता आगा, जिन्होंने 1935 से 1986 तक फिल्म जगत की सेवा की, ईरानी मूल के ही थे। उन्होंने अपने करियर में लगभग 300 से अधिक फिल्मों में काम किया। उन्हें विशेष रूप से उनके कॉमिक किरदारों के लिए याद किया जाता है। फिल्म 'शोले' (1975) के कालजयी गीत 'महबूबा महबूबा...' में भी उनकी झलक देखी जा सकती है। आगा के पिता मूल रूप से ईरान से थे, जो पुणे आकर बस गए थे, और बाद में आगा काम की तलाश में बॉम्बे (मुंबई) आए और हिंदी सिनेमा के एक अनिवार्य अंग बन गए।
जॉन अब्राहम
बॉलीवुड के दो सबसे नामी अभिनेता जॉन अब्राहम का संबंध भी ईरान की मिट्टी से जुड़ा है। जॉन अब्राहम का जन्म भले ही मुंबई में हुआ हो, लेकिन उनकी मां एक ईरानी जोरोस्ट्रियन (पारसी) हैं, जबकि उनके पिता केरल के मलयाली सीरियन क्रिश्चियन हैं। जॉन अक्सर अपनी बहु-सांस्कृतिक पहचान का उल्लेख करते हैं।
अरुणा ईरानी
दिग्गज अभिनेत्री अरुणा ईरानी का ईरान से सीधा संबंध उनके पैतृक मूल से जुड़ा है। उनके पिता फरेदुन ईरानी, मूल रूप से ईरानी थे, जबकि उनकी माता, सगुना, एक हिंदू परिवार से थीं। एक्ट्रेस के पिता एक ड्रामा कंपनी चलाते थे। एक्ट्रेस ने कई फिल्मो में अपनी दमदार एक्टिंग से छाप छोड़ी।
बोमन ईरानी
बोमन ईरानी का जन्म भी मुंबई के एक ईरानी जोरोस्ट्रियन परिवार में हुआ था। ये दोनों कलाकार दिखाते हैं कि कैसे ईरानी विरासत ने भारतीय संस्कृति और सिनेमा को समृद्ध किया है।
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