रोजगार के लिए रूस गए निजामाबाद और कामारेड्डी जिलों के युवा कथित तौर पर रूसी सेना के कैंप में फंस गए हैं। उनके परिवारों को डर है कि उन्हें मिलिट्री ट्रेनिंग देकर यूक्रेन बॉर्डर पर भेजा जा सकता है। इन युवाओं के परिवारों ने केंद्र सरकार और तेलंगाना सरकार से अपील की है कि वे इन युवाओं की भारत सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए तुरंत कदम उठाएं।
3 लाख रुपये देकर मॉस्को गए थे
सामने आई जानकारी के मुताबिक, करीब छह महीने पहले निजामाबाद जिले के भुक्या रविंदर, अशोक और मेगावत प्रकाश, और कामारेड्डी जिले के मोहम्मद अफजल खान हेल्पर की नौकरी के लिए एक एजेंट को प्रति व्यक्ति 3 लाख रुपये देकर रूस के मॉस्को गए थे। करीब छह महीने काम करने के बाद उनकी नौकरी खत्म हो गई और आगे कोई काम न मिलने पर, उन्हें कथित तौर पर एक वॉल पोस्टर दिखा जिसमें रूसी सेना के कैंप में गार्डन क्लीनर की नौकरी और 2 लाख रुपये सैलरी का ऑफर था। बता दें कि यूक्रेन से जारी जंग के दौरान रूस की सेना में कई भारतीयों को जबरन भर्ती कराए जाने की खबर सामने आई है। बीते मार्च महीने में हरियाणा के करनाल के रहने वाले अनुज का शव रूस से उसके गांव में पहुंचा था। परिवार का आरोप था कि एजेंट ने जबरदस्ती उसे रशियन आर्मी ज्वाइन करवाई और फिर गोली लगने से हुई अनुज की मौत हो गई।
गार्डन क्लीनर की नौकरी का दिया झांसा
जानकारी के अनुसार, तेलंगाना के युवाओं ने पोस्टर पर दिए गए नंबर पर संपर्क किया, जिसके बाद एक एजेंट ने उन्हें बताया कि मिलिट्री कैंप में गार्डन क्लीनर की नौकरी उपलब्ध है। उस बात पर भरोसा करके वे एजेंट के जरिए कैंप गए। युवाओं का आरोप है कि मिलिट्री के लोगों ने उन्हें मिलिट्री गाड़ी में करीब 12 घंटे तक घुमाया और फिर एक जंगली इलाके में छोड़ दिया।
Image Source : Reporterरूस की सेना में भर्ती युवाओं को बचाने की अपील।
हथियार थमाकर मिलिट्री ट्रेनिंग दी जाने लगी।
युवाओं का यह भी आरोप है कि उन्हें ठीक से खाना नहीं दिया गया और बाद में उन्हें हथियार थमाकर मिलिट्री ट्रेनिंग दी जाने लगी। जब उन्होंने अधिकारियों को बताया कि वे गार्डन-क्लीनिंग के काम के लिए आए थे, न कि मिलिट्री की नौकरी के लिए, तो कथित तौर पर उनकी पिटाई की गई और जबरदस्ती मिलिट्री ट्रेनिंग दी गई।
उनके परिवारों के मुताबिक, युवाओं ने फोन कॉल और वीडियो रिकॉर्डिंग के जरिए बताया कि ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उन्हें कहा जा रहा है कि उन्हें यूक्रेन बॉर्डर पर भेजा जा सकता है। युवाओं ने कथित तौर पर डर जाहिर किया कि वे युद्ध में अपनी जान गंवा सकते हैं और अपने परिवारों से मदद और तुरंत दखल देने की अपील की।
सरकार से मदद की अपील
इस स्थिति ने परिवारों में गंभीर चिंता पैदा कर दी है। उन्होंने केंद्र और तेलंगाना सरकार से तुरंत दखल देने, रूसी अधिकारियों से संपर्क करने और चारों युवाओं को सुरक्षित भारत वापस लाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने की अपील की है। अफजल खान के बेटे, पत्नी और पिता अब्बास खान ने सरकार से तुरंत मदद की अपील की है। खबर है कि रूस में मौजूद अशोक की ओर से भी उनकी स्थिति को लेकर मदद का संदेश और गुहार सामने आई है।
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