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वक्फ बोर्ड का इंस्पेक्टर रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, काम के बदले मांगे थे 10 हजार रुपये

तेलंगाना में एसीबी ने नलगोंडा के वक्फ बोर्ड इंस्पेक्टर को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। वह मस्जिद की संपत्ति को वक्फ रिकॉर्ड में दर्ज कराने की रिपोर्ट भेजने के बदले पैसे मांग रहा था। कुछ दिन पहले ही सूबे में वन विभाग के एक अधिकारी को 80 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा गया था।

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Image Source : INDIA TV वक्फ बोर्ड के इंस्पेक्टर को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया है।

हैदराबाद: तेलंगाना में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने वक्फ बोर्ड के एक इंस्पेक्टर को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोप है कि अधिकारी ने एक मस्जिद की संपत्ति को वक्फ बोर्ड के रिकॉर्ड में दर्ज कराने से संबंधित रिपोर्ट भेजने के बदले रिश्वत की मांग की थी। एसीबी ने आरोपी के पास से रिश्वत की रकम बरामद कर ली है। ACB द्वारा जारी बयान के मुताबिक, नलगोंडा जिले में तैनात वक्फ बोर्ड इंस्पेक्टर ने शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। ये पैसे हैदराबाद स्थित वक्फ बोर्ड के CEO को तथ्यात्मक रिपोर्ट भेजने के बदले मांगे गए थे।

आरोपी के कब्जे से बरामद हुए पूरे पैसे

मामला फरवरी 2025 में शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए एक आवेदन से जुड़ा था। आवेदन में नलगोंडा जिले के पेद्दावूरा स्थित जामे मस्जिद अबूबकर सिद्दीक रहमतुल्ला अलाई की संपत्ति को वक्फ बोर्ड के रिकॉर्ड में दर्ज करने की मांग की गई थी। इसी मामले में रिपोर्ट भेजने के लिए इंस्पेक्टर ने कथित तौर पर रिश्वत की मांग की। ACB ने कार्रवाई करते हुए आरोपी अधिकारी को रिश्वत लेते समय पकड़ लिया और उसके कब्जे से पूरे पैसे बरामद कर लिए। एजेंसी ने बताया कि आरोपी को हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया जाएगा और हैदराबाद स्थित ACB मामलों की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।

एक और रिश्वतखोर अफसर पकड़ा गया

इस बीच, तेलंगाना में एसीबी ने एक अन्य भ्रष्टाचार के मामले में भी कार्रवाई की है। जगित्याल जिले में वन विभाग के एक रेंज अधिकारी को 80 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। ACB के मुताबिक, आरोपी अधिकारी ने 120 सागौन के पेड़ों की कटाई की इजाजत और उनके परिवहन परमिट को मंजूरी दिलाने के बदले शिकायतकर्ता से रिश्वत मांगी थी। अधिकारी ने शुरुआत में दो लाख रुपये की मांग की थी, जिसमें से शिकायतकर्ता 13 मई को एक लाख रुपये नकद दे चुका था।

अधिकारी की मेज की दराज से मिले पैसे

बाद में सरकारी काम पूरा होने और शिकायतकर्ता के अनुरोध पर अधिकारी ने बाकी रिश्वत की राशि घटाकर 80 हजार रुपये कर दी। गुरुवार को उसने यह रकम स्वीकार कर ली, जिसके बाद ACB ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। एसीबी ने बताया कि रिश्वत की राशि आरोपी अधिकारी की मेज की दराज से बरामद की गई। एजेंसी के मुताबिक, अधिकारी ने अनुचित लाभ प्राप्त करने के लिए अपने पद का गलत और बेईमानी से इस्तेमाल किया। फिलहाल इन दोनों ही मामलों की विस्तृत जांच की जा रही है।

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