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जेन-Z, बोल्ड सीन्स और महिलाओं की फैंटेसी, 'आप की अदालत' में ‘टॉक्सिक’ पर यश ने खोले पत्ते

सुपरस्टार यश ने ‘आप की अदालत’ में अपनी आगामी फिल्म ‘टॉक्सिक’ का बचाव करते हुए कहा कि यह जेन-Z के लिए बनाई गई है और सामाजिक वर्जनाओं पर सवाल उठाती है। उन्होंने महिलाओं की इच्छाओं और फैंटेसी को अभिव्यक्त करने के अधिकार का समर्थन किया। फिल्म 26 अगस्त को रिलीज होगी।

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Image Source : INDIA TV सुपरस्टार यश ने 'आप की अदालत' में इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा के सवालों के जवाब दिए।

Highlights

  • ‘टॉक्सिक’ पर यश ने कहा, महिलाओं को अपनी इच्छाएं और फैंटेसी जाहिर करने का पूरा हक है।
  • यश बोले, फिल्म जेन-Z के लिए है और इसका मकसद सामाजिक वर्जनाओं पर सवाल उठाना है।
  • ‘तबाही’ और बोल्ड सीन्स पर यश ने कहा, फिल्म बच्चों के लिए नहीं, वयस्क दर्शक खुद तय करें।

नई दिल्ली: भारतीय सिनेमा के सबसे ज्यादा फीस पाने वाले सुपरस्टार यश ने रजत शर्मा के साथ ‘आप की अदालत’ शो में दिए अपने विस्तृत इंटरव्यू में अपनी ‘ए’ रेटेड फिल्म ‘टॉक्सिक’ में 5 प्रमुख महिला कलाकारों के चित्रण का बचाव किया है। यह फिल्म 26 अगस्त को रिलीज होने वाली है। रजत शर्मा के सवालों का जवाब देते हुए यश ने कहा, 'हमने अपने टाइटल में एक टैगलाइन रखी है, ‘ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’। जो भी बच्चे हैं, जो भी दिमाग से बच्चे हैं, वो थोड़ा दूर रहें।'

'इस पिक्चर की डायरेक्टर भी एक औरत है'

कर्नाटक राज्य महिला आयोग द्वारा फिल्म के कथित अश्लील दृश्यों की शिकायत करते हुए सेंसर बोर्ड (CBFC) को पत्र लिखे जाने के सवाल पर यश ने कहा, 'पिक्चर देखेंगे, तब पता चलेगा। आजकल की औरत जो चाहती है, उनकी डिजायर्स की बात करना भी इस दुनिया में टैबू हो गया है। सिर्फ मर्द का ये सब... इस पिक्चर की डायरेक्टर भी एक औरत है और उनको इस बात पर विश्वास है कि महिलाओं की अपनी फैंटेसीज पर भी उनका अधिकार है। अगर कोई लड़की अपने मन से वो क्या चाहती है, वो बोलने को भी डरती है सोसाइटी में, वो भी गलत है। लेकिन इंटेंशन क्लियर है। नॉट टू मेक अ गिमिक, लोगों को थिएटर्स में लाने के लिए नहीं, सवाल उठाने के लिए सोसाइटी में। आई थिंक, यही फन है सिनेमा में।'

'गाली तो गाली होती है, हर भाषा में'

रजत शर्मा: मैं आपको फिल्म के कुछ ‘फन’ वाले हिस्से दिखाता हूं। ‘लेडीज एंड लेडीज’ में संवाद है, “एक-एक करके आओगे या एक साथ आओगे?” इस पर आप क्या कहेंगे?

यश: सर, अटैक करने आई हैं... सेल्फ-डिफेंस।

रजत शर्मा: आपके साथ 5 टॉप हीरोइनें हैं और सभी आप पर हमला कर रही हैं?

यश: कुछ मुझ पर करती हैं, मैं कुछ पर करता हूं।

रजत शर्मा: आप इस फिल्म में एक लेखक भी हैं। आपने इसमें चुनिंदा गालियों का इस्तेमाल किया है। क्या वे गालियां आपने लिखी हैं?

यश: देखना पड़ेगा। कुछ सीक्वेंस में मैंने लिखा है, कुछ सीक्वेंस में गीतू (निर्देशक गीतू मोहनदास) ने लिखा है।

रजत शर्मा: फिल्म 6 भाषाओं में बनाई गई है। इन गालियों का अनुवाद आपने कैसे किया?

यश: गाली तो गाली होती है, हर भाषा में। (मुस्कुराते हुए)

रजत शर्मा: इससे बच्चे क्या सीखेंगे?

यश: क्या नहीं करना है, वो सीखेंगे।

रजत शर्मा: अच्छा, यानी वे सीखेंगे कि क्या नहीं करना चाहिए?

यश: बच्चों को नहीं देखना है, बच्चों के लिए नहीं बनाया है। जो भी बच्चे हैं, घर में रहना है। दैट इज़ वेरी क्लियर। यह फिल्म बच्चों के लिए नहीं बनाई गई है। जो बड़े हैं, उनको सब पता है। वे चुन सकते हैं कि उन्हें क्या देखना है, इससे क्या सीखना है और जिंदगी में क्या नहीं करना है। वो सब है। इट्स अ जेनुइन, वेरी डीप स्टोरी।

'एंड ट्रस्ट मी, सर, हम भी नर्वस रहते हैं'

जब रजत शर्मा ने यश को याद दिलाया कि उन्होंने एक बार कहा था कि रोमांटिक दृश्य करते समय उन्हें हमेशा घबराहट होती थी, तो यश ने जवाब दिया: “हंड्रेड परसेंट बदल गया हूं। आदमी बदलता है। अगर कोई बोलता है कि मैं नहीं बदला 20 साल से, वो झूठ कहता है। इवोल्यूशन इज़ अ पार्ट ऑफ ह्यूमन नेचर। सब लोग इवॉल्व होते हैं। जिस चीज को आप 10 साल पहले मानते थे, वो चीज अलग होती है। जिस चीज को एक हफ्ते पहले सोचते थे, वो अलग होती है। दैट इज लाइफ, इट कीप्स चेंजिंग।”

जब रजत शर्मा ने फिल्म के ‘तबाही’ गाने की क्लिप दिखाते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि कियारा आडवाणी एक-एक करके अपने कपड़े उतार रही हैं, तो यश ने जवाब दिया: “जो कैरेक्टर्स हैं, एक राया, एक नादिया, वो एक-दूसरे को प्यार इस तरह करते हैं कि दुनिया की परवाह नहीं । उसको दिखाने के लिए हमको वो सीन करनी पड़ी। एंड ट्रस्ट मी, सर, हम भी नर्वस रहते हैं।”

फिल्म में कथित तौर पर अश्लील दृश्यों को लेकर नेटिजन्स की आलोचना के बारे में पूछे जाने पर यश ने कहा: " ऐसे बहुत से लोग हैं जो सौ अच्छी चीजों में से सिर्फ एक-दो चीजें देखते हैं और उसी के बारे में बोलते हैं। जिनको तकलीफ है, वो नहीं देखें।”

'कंडोम ऐड करनी है तो मैं पैसे लेकर करूंगा'

रजत शर्मा: एक दर्शक ने कमेंट किया कि ‘तबाही’ गाना है या कंडोम का विज्ञापन?

यश: कंडोम ऐड करनी है तो मैं पैसे लेकर करूंगा, अगर करनी है तो। मुफ्त में नहीं करूंगा।

फिल्म के एक अन्य दृश्य में एक व्यक्ति को कब्र खोदते और शव से सोने की चेन छीनते हुए दिखाया गया है। इस दृश्य के बारे में यश ने कहा, “यह कहानी का हिस्सा है। एक बार फिल्म देखेंगे तो आपको पता चलेगा... ऐसे लोग होते हैं जो ऐसा करते हैं। यह एक वास्तविक घटना पर आधारित है। यह समाज में हुई एक घटना पर आधारित है।”

'आई थिंक, अगली पीढ़ी हमेशा बेहतर होगी'

जब उनसे पूछा गया कि हिंसा और अश्लीलता के फॉर्मूले के लिए जेन-Z को क्यों जिम्मेदार ठहराया जाता है, तो यश ने कहा, “आई थिंक, अगली पीढ़ी हमेशा बेहतर होगी। जो पीढ़ी अतीत बन चुकी है, उसे लग सकता है कि नई पीढ़ी रास्ते से भटक गई है। यह जिंदगी भर की समस्या है। लेकिन हमें एक बात समझनी होगी। दुनिया नौजवानों की है। जब हमारा समय आया, हमने किया। जब आपका समय आएगा, आप अपनी अंतरात्मा की आवाज और अपनी अभिव्यक्ति की आजादी के अनुसार करेंगे। वल्गैरिटी गलत है। मैंने किस भी नहीं किया है। आप सभी ने इसे देखा है। हालांकि एक सीमा होती है और हम उसे जानते हैं। आपको चीजों को एस्थेटिक तरीके से शूट करना होता है। बाद में आपको विजुअली जो महसूस होता है, वही सिनेमा का इम्पैक्ट होता है। वह क्रिएटर की आवाज होती है। इस फिल्म को एक ऐसे इंटेंट के साथ बनाया गया है, जिसमें इमोशंस बहुत-बहुत महत्वपूर्ण हैं। जब आप फिल्म देखेंगे, तो समझेंगे। यह जेन-Z के लिए है। इसमें वे बातचीत हैं, जो आप लोग कर रहे हैं। सीनियर लोगों से आपको जो समस्याएं हैं, सीनियर जेनरेशन से आप जो सवाल पूछते हैं, उसमें गलत क्या है? ऐसे तय नियम क्यों हैं? आपके जो भी विचार हैं, वे इस फिल्म के मूल पहलुओं में शामिल हैं।”

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