1. Hindi News
  2. भारत
  3. राजनीति
  4. मुलायम और अखिलेश में कहां बिगड़ी बात? बेनतीजा बैठक की इनसाइड स्टोरी

मुलायम और अखिलेश में कहां बिगड़ी बात? बेनतीजा बैठक की इनसाइड स्टोरी

लखनऊ: मुलायम सिंह यादव के 5- विक्रमादित्य मार्ग स्थित आवास में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और मुलायम सिंह की बैठक चल रही थी। सबको इस बात का इंतजार था कि क्या समाजवादी पार्टी में मचे मौजूदा

akhilesh yadav and mulayam singh- India TV Hindi
akhilesh yadav and mulayam singh

लखनऊ: मुलायम सिंह यादव के 5- विक्रमादित्य मार्ग स्थित आवास में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और मुलायम सिंह की बैठक चल रही थी। सबको इस बात का इंतजार था कि क्या समाजवादी पार्टी में मचे मौजूदा घमासान में कोई सुलह का रास्ता निकलेगा? लेकिन अफसोस लखनऊ की सत्ता के गलियारों से जो खबर निकली को समाजवादी खेमे में उठते शोलों को हवा देने वाली थी।

(देश-विदेश की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए क्लिल करें)

ये वो बैठक थी जिसके लिए मुलायम सिंह यादव अचानक दिल्ली से चार्टड प्लेन से लखनऊ पहुंच गए। उनके पीछे-पीछे शिवपाल सिंह यादव ने भी लखनऊ की फ्लाइट पकड़ ली। मध्यस्थता के किरदार के तौर पर आजम खान मुलायम से मिलने लखनऊ से दिल्ली दौड़ पड़े। इस दौड़धूप में अचानक तेजी इसलिए आई क्योंकि पार्टी के चुनाव निशान साइकिल पर हक किसका हो? इसको लेकर समाजवादी पार्टी के दोनों धड़े चुनाव आयोग के दरवाजे पर पहुंच गए।

Also read:

चुनाव आयोग में कल मुलायम गए, आज अखिलेश धड़ा पहुंचा

कल पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव अपने छोटे भाई शिवपाल यादव, अमर सिंह और जया प्रदा के साथ चुनाव आयोग से मिले तो आज अखिलेश के करीबी रामगोपाल यादव, सांसद नरेश अग्रवाल कुछ और नेताओं के साथ चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंच गए। चुनाव आयोग से मिलकर आए रामगोपाल यादव ने दावा किया कि 90 फीसदी विधायक और सांसद तो अखिलेश के साथ हैं लिहाजा अखिलेश की समाजवादी पार्टी ही असली है।

बाप-बेटे की बेनतीजा बैठक की इनसाइड स्टोरी

अखिलेश धड़े की चुनाव आयोग से हुई इस मुलाकात से पार्टी के भीतर चल रहे संग्राम में तल्खी और बढ़ गई इसके बाद का घटनाक्रम भी तेजी से बदला। मुलायम आनन-फानन में दिल्ली से लखनऊ पहुंच गए तो अखिलेश अपने काफिले के साथ मुलायम सिंह यादव से मिलने पहुंच गए। सूत्रों से पता चला है कि मुलायम और अखिलेश के बीच कुल 3 घंटे की मुलाक़ात हुई। इसमें से मुलायम और अखिलेश के बीच अकेले में करीब 1 घंटे तक बातचीत हुई। तो आग पर पानी डालने की कोशिशें अंतिम वक्त तक जारी रहीं लेकिन नतीजा नही निकला। लखनऊ से दिल्ली तक अखिलेश खेमा यही संदेश देता रहा कि वो हथियार नहीं डालेगा। अमर सिंह और शिवपाल के सवाल पर कोई समझौता नहीं हो सकता।

मुलायम और अखिलेश में कहां बिगड़ी बात?

  • राष्ट्रीय अध्यक्ष से हटने को तैयार हुए थे अखिलेश
  • अखिलेश ने मांगा प्रदेश नेतृत्व और टिकट बंटवारे का हक
  • शिवपाल को प्रदेश की राजनीति से दूर रखने को कहा
  • अमर सिंह को बाहर करने के फैसले पर अड़े अखिलेश
  • शिवपाल ने रामगोपाल यादव को बताया झगड़े की जड़
  • शिवपाल यादव ने समझौते के लिए जताई सहमति
  • मुलायम ने कहा कि अब रामगोपाल यादव कबूल नहीं
  • अखिलेश से चुनाव आयोग वाली अर्जी वापस लेने को कहा
  • अखिलेश ने पहले पार्टी के भीतर स्थिति स्पष्ट करने को कहा

‘जरूरत पड़ेगी तो फिर जाऊंगा, सब मुमकिन है’

तीन घंटे की बैठक बेनतीजा रहने की वजह है दोनों गुटों का अपने अपने रुख पर कायम रहना। हालांकि कोशिशें होती रहीं और यूपी के कैबिनेट मंत्री आजम खान मुलायम सिंह यादव से मिलने दिल्ली तक पहुंच गए। आजम खान को ये भले ही मुमकिन लगता हो लेकिन समाजवादी पार्टी के दोनों धड़े झुकने को तैयार नहीं हैं। चुनाव आयोग में दोनों धड़ों के पहुंच जाने से मामला और बिगड़ गया है और मुलायम और अखिलेश की मुलाकात में भी इसकी छाया पड़ी।

Latest India News