महाराष्ट्र महापालिका चुनाव में वोटिंग के लिए कौन से डॉक्यूमेंट्स जरूरी हैं, इसको लेकर राज्य चुनाव आयोग ने 13 दस्तावेजों की लिस्ट जारी की है।
चुनाव आयोग की ओर से पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल अरुण प्रकाश (सेवानिवृत्त) को अपनी पहचान साबित करने के लिए नोटिस भेजा गया है।
महाराष्ट्र के निकाय चुनाव में महायुति के 68 उम्मीदवार मतदान से पहले ही जीत चुके हैं। ऐसे में चुनाव आयोग ने इन मामलों की जांच के आदेश दिए हैं और भविष्य में ऐसा होने पर रिपोर्ट देने का नियम बनाया है।
महाराष्ट्र महानगरपालिका चुनाव में बिना किसी विरोध के चुनाव जीतने वालों की खुशी का रंग फीका पड़ गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि राज्य चुनाव आयोग ने उनके चुनाव की जांच का आदेश दे दिया है।
बीजेपी ने पहले शिल्पा केलुस्कर को AB फॉर्म दिया था। लेकिन बाद में पार्टी ने उसे वापस ले लिया। फिर पता चला कि शिल्पा केलुस्कर ने डुप्लीकेट AB फॉर्म तैयार करके एप्लीकेशन के साथ अटैच कर दिया।
अभिषेक बनर्जी टीएमसी के 10 सांसदों के प्रतिनिधिमंडल के साथ चुनाव आयोग पहुंचे थे। आयोग के साथ करीब ढाई घंटे तक चली बैठक के बाद अभिषेक बनर्जी बेहद गुस्से में बाहर निकले।
चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश में SIR से जुड़ी तारीखों में बदलाव किया है। आइए जानते हैं कि प्रक्रिया में क्या नया अपडेट है।
चुनाव आयोग ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ में SIR के आंकड़े जारी कर दिए हैं। SIR में राज्य की वोटर लिस्ट से 27 लाख से ज्यादा नाम हटाए गए हैं। आइए जानते हैं कि छत्तीसगढ़ में कुल वोटर्स की संख्या कितनी मिली है।
पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के कारण मतुआ समुदाय में वोटिंग अधिकार को लेकर चिंता बढ़ी है। बड़ी संख्या में नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटने से 2026 चुनाव से पहले बीजेपी के मजबूत मतुआ वोट बैंक पर असर पड़ सकता है, जिससे पार्टी को नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
निर्वाचन आयोग ने तमिलनाडु में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के आंकड़े जारी कर दिए हैं। सामने आई जानकारी के मुताबिक, तमिलनाडु में इस प्रक्रिया के तहत 97 लाख वोटर्स के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं।
पश्चिम बंगाल की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 58 लाख नाम हटाए गए हैं और 1.9 करोड़ वोटर्स को संदिग्ध घोषित किया गया है। चुनाव आयोग को उम्र, पारिवारिक विवरण और फर्जी प्रविष्टियों में गंभीर गड़बड़ियां मिली हैं। इस मुद्दे पर TMC और BJP के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है।
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल, राजस्थान, गोवा, लक्षद्वीप और पुडुचेरी में SIR की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की है, जिसमें लाखों नाम हटे हैं। नाम कटने पर मतदाता 16 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक क्लेम-ऑब्जेक्शन के जरिए दोबारा आवेदन कर सकते हैं।
चुनाव आयोग ने SIR को लेकर एक और बड़ा फैसला किया है। आयोग ने 8 राज्यों में की विशेष रोल पर्यवेक्षकों यानी SRO की नियुक्ति की है। आइए जानते हैं कि SIR की प्रक्रिया में क्या होगा SRO का काम।
पश्चिम बंगाल में SIR को लेकर अपडेट ये है कि चुनाव आयोग ने राज्य में कुल 1 लाख 37 हजार 575 वोटरों की पहचान 'फर्जी' के तौर पर की है। इसके अलावा, 57 हजार 509 और लोगों को 'अन्य' लिस्ट में रखा गया था, उन्हें भी बाहर किया गया।
यूपी, एमपी, गुजरात समेत 6 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशोें में SIR प्रक्रिया की तारीख को आगे बढ़ा दिया है। आइए जानते हैं कि चुनाव आयोग ने अब किस तारीख की समय सीमा तय की है।
देशभर में चलाए जा रहे SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) अभियान के बीच बड़ी खबर सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, यूपी समेत कुछ राज्यों के लिए SIR की तारीख बढ़ाई जा सकती है।
लोकसभा में चुनाव सुधार पर बोलते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि निर्वाचन आयोग देश के सुप्रीम कोर्ट और संसद से बड़ा नहीं है।
लोकसभा में बुधवार को चुनाव सुधारों पर चर्चा हुई। इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस के वोट चोरी के आरोपों का जवाब दिया और उन्हें वोट चोरी की तीन घटनाएं याद दिलाईं।
चुनाव आयोग ने रिपोर्ट जारी करते हुए जानकारी दी है कि साल 2024-25 में कांग्रेस पार्टी को 517 करोड़ रुपये से ज्यादा का चंदा प्राप्त हुआ है। आइए जानते हैं कि भाजपा को कितना चंदा मिला है।
SIR के खिलाफ कोलकाता में BLO ने सोमवार को चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया है और ऑफिस का घेराव किया है। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग के दफ्तर में घुसने की भी कोशिश की है।
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