एक आम इंसान के लंग्स कितने बड़े होते हैं, इसका जवाब है करीब आधा फीट से सिर्फ थोड़ा ज़्यादा। लेकिन आप ये जानकर चौंक जाएंगे कि उन्हीं फेंफड़ों को अनफोल्ड कर दिया जाए तो वो पूरे 70 स्कवायर मीटर के टेनिस कोर्ट को ढक सकते हैं। जी हां ये सच है, क्योंकि इंसान के फेफड़ों में करीब ढाई हज़ार किलोमीटर लंबी एयरवेज और छोटी छोटी लाखों एयर पॉकेट्स होते हैं, जो सांस लेने के दौरान ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड के प्रोसेस को आसान बनाते हैं। लेकिन हैरत देखिए फिर भी एक छोटी सी सिगरेट लंग्स को इस कदर डैमेज कर देती है कि कैंसर तक की नौबत आ जाती है। वैसे इस बुरी आदत में गिरफ्तार लोगों को बता दूं कि स्मोकिंग से सिर्फ लंग्स ही नहीं, बल्कि मुंह, गले, पैंक्रियाज, यूरीनरी ब्लैडर और सर्विक्स जैसे शरीर के कई अंगों में कैंसर का खतरा पैदा हो जाता है।
यही नहीं कश लगाने से दिल की बीमारी, हार्ट अटैक और स्ट्रोक तक का खतरा भी बढ़ जाता है। ब्लड क्लॉटिंग हो सकती है जिससे दिल, दिमाग में खून की सप्लाई पर असर पड़ता है। बहुत से लोग ऐसे हैं जो सिगरेट पैकेट पर Injurious To Health वाली चेतावनी पढ़ते तो हैं, लेकिन उसे सीरियस नहीं लेते। बहुत से ऐसे हैं जो ई सिगरेट को हेल्दी ऑप्शन समझते हैं उन्हें लगता है उसमें तंबाकू नहीं होता तो वो नुकसान नहीं करेगी। ऐसे लोगों को भी सावधान होने की जरूरत है। क्योंकि हेल्थ एक्सपर्ट्स बता रहे हैं कि वेपिंग से भी इर्रेगुलर हार्टबीट, हाई ब्लड प्रेशर, अस्थमा, COPD, ब्रोंकाइटिस और लंग कैंसर जैसे मामले खूब सामने आते हैं।
असल में क्या है बैटरी से चलने वाले वेप डिवाइस एक छोटे पॉड में भरे लिक्विड को गर्म करते हैं, जिससे एरोसोल यानि धुआं बनता है और उस धुएं के साथ कई तरह के खतरनाक केमिकल्स फेफड़ों में जाकर परत की तरह जम जाते हैं। इसलिए इस मिथ को तोड़िए कि ई सिगरेट नुकसानदायक नहीं है। चाहे तंबाकू वाली स्मोकिंग हो या केमिकल वाली vaping, आज दोनों ही तरह की आदत से तौबा कर लीजिए। योगगुरू स्वामी रामदेव के आयुर्वेदिक उपाय अपनाइए और लंग्स हेल्दी बनाएं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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