महाराष्ट्र की राजनीति में जारी उठापटक के बीच शिवसेना (UBT) के बागी सांसद ओमराजे निंबालकर आज रविवार को सुबह पुणे से धाराशिव के लिए रवाना हो गए। उनकी यात्रा को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। महाराष्ट्र में उद्धव गुट की शिवसेना के नेता और कार्यकर्ता भी संशय में हैं। हर रोज महाराष्ट्र की सियासत में बड़ा अपडेट आ रहा है।
ओमराजे के साथ शिंदे गुट के कार्यकर्ता भी शामिल
सूत्रों के अनुसार, ओमराजे निंबालकर बड़े पुलिस बंदोबस्त के बीच धाराशिव के लिए रवाना हुए। उनके काफिले में शिवसेना (शिंदे गुट) के कार्यकर्ता भी शामिल बताए जा रहे हैं। इस घटनाक्रम को राज्य की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
बागी सांसदों को लेकर आने वाला है बड़ा घटनाक्रम
ओमराजे निंबालकर ने कल सीबीआई कोर्ट का ऑर्डर आने के बाद कहा कि अब वो बागी सांसदों के गुट मैं जाएंगे या नहीं इसका फैसला अपने मतदाताओं और कार्यकर्ताओं से मिलकर बात करने के बाद ही करेंगे। इसी बीच शिवसेना से अलग हुए 6 सांसदों को लेकर भी बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आने की संभावना है।
अलग-अलग प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं ये सांसद
सूत्रों के मुताबिक, आज कल तक लोकसभा अध्यक्ष कार्यालय की ओर से इन 6 +सांसदों के स्वतंत्र समूह से जुड़े दस्तावेज और साक्ष्य सार्वजनिक किए जा सकते हैं। सूत्रों का यह भी कहना है कि अगले दो से तीन दिनों के भीतर ये 6 सांसद अपनी भूमिका स्पष्ट करने के लिए संयुक्त रूप से या अलग-अलग प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं।
महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना
इस संभावित प्रेस वार्ता में उनके आगामी राजनीतिक रुख और संगठनात्मक स्थिति पर महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल पूरे घटनाक्रम पर राज्य के राजनीतिक दलों और समर्थकों की नजर बनी हुई है।
अमित शाह ने शिवसेना (UBT) पर बोला हमला
वहीं, दूसरी ओर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर तीखा हमला किया। शाह ने आरोप लगाया कि उद्धव कांग्रेस की गोद में बैठे हैं और घुसपैठियों को वोट बैंक में बदलने की कोशिश कर रहे हैं। शाह ने साथ ही उन्हें चेतावनी दी कि भारत कोई धर्मशाला नहीं है।
महाराष्ट्र में सिर्फ एक ही शिवसेना- शाह
ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) में संभावित टूट की ओर इशारा करते हुए शाह ने कहा कि पहले लोगों को शिंदे नीत गुट का अलग से ज़िक्र करना पड़ता था लेकिन अब कोई गुट नहीं बचा है और सिर्फ़ एक ही शिवसेना है जिसके प्रमुख एकनाथ शिंदे हैं।'
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