Budh Gochar: बुध ग्रह 22 जून को स्वराशि मिथुन से निकलकर कर्क में गोचर कर जाएंग। 7 जुलाई 2026 तक बुध कर्क राशि में ही संचार करते हैं। बुध ग्रह की दो राशियों मिथुन और कन्या के लिए बुध का राशि बदलना किसी वरदान से कम साबित नहीं होगा। दरअसल बुध ग्रह मिथुन के धन भाव में और कन्या के लाभ भाव में गोचर करेंगे। इसलिए इन दोनों ही राशियों को बंपर लाभ बुध दिला सकते हैं। करियर, पारिवारिक और सामाजिक जीवन में इन दोनों राशियों को शुभ परिणाम मिलने के योग हैं। आइए विस्तार से जान लेते हैं कैसे परिणाम मिथुन और कन्या वालों को प्राप्त हो सकते हैं।
मिथुन राशि
बुध की पहली राशि मिथुन वालों के लिए धन का दूसरा भाव राशि स्वामी के गोचर से सक्रिय होगा। बुध दूसरे भाव में बैठकर इनको बंपर लाभ दिला सकते हैं। अचानक से इस राशि के कुछ जातकों को पदोन्नति मिल सकती है या फिर आय के अतिरिक्त स्रोत भी ये लोग पा सकते हैं। इसके साथ ही जो लोग रोजगार की तलाश में लंबे समय से लगे थे उनको भी अच्छी जगह पर नौकरी मिल सकती है। इस राशि के लोगों की वाणी में प्रखरता आएगी जिसके कारण पब्लिक डीलिंग वाले कार्यों में भी इन्हें सफलता मिल सकती है। लेखन, गायन, वादन के क्षेत्र में कार्यरत लोग भी शुभ परिणाम पाएंगे। इसके साथ ही सामाजिक स्तर पर भी मिथुन वाले ख्याति पा सकते हैं। इनकी मनोकामनाएं भी बुध गोचर के बाद पूरी होने की संभावना है। पैतृक कारोबार करते हैं तो बड़ा धन लाभ होने की संभावना है।
कन्या राशि
बुध की दूसरी राशि होने के साथ ही कन्या बुध की उच्च राशि भी है। बुध ग्रह आपकी राशि से एकादश भाव में गोचर करेंगे जिसे लाभ का भाव भी कहा जाता है। इस गोचर के चलते आपको जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में शुभ परिणाम मिल सकते हैं। आपकी कारोबारी योजनाएं सफल होंगी। वहीं जो लोग नौकरी पेशा हैं उनको भी अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। बीते समय में की गई मेहनत का आपको बंपर लाभ मिल सकता है। रोजगारी मिलने की भी इस राशि के जातकों को पूरी संभावना है। आपके अच्छे काम आपको समाज में भी ख्याति दिलाएंगे। समाज के गणमान्य लोगों से आपका संपर्क हो सकता है जिससे भविष्य में आप लाभ पा सकते हैं। सेहत के लिहाज से भी 7 जुलाई तक का समय काफी अच्छा साबित हो सकता है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
ये भी पढ़ें:
Gardening Vastu tips: बार-बार लगाते हैं पौधे फिर भी नहीं पनपते, तो पहले जान लें वास्तु के जरूरी नियम