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चंद्रबल देखकर करेंगे किसी भी काम की शुरुआत तो सफल होने की बढ़ेगी संभावना, जान लें देखने की विधि

 Written By: Naveen Khantwal
 Published : Jun 28, 2026 07:24 am IST,  Updated : Jun 28, 2026 07:24 am IST

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार किसी भी कार्य की शुरुआत अगर आप चंद्रबल देखकर करते हैं तो शुभ फल मिलने की संभावना बढ़ जाती है। चंद्रबल क्या है और इसे कैसे देखते हैं आज हम आपको इसकी जानकारी देंगे।

चंद्रबल- India TV Hindi
चंद्रबल Image Source : MAGNIFIC

चंद्रबल का अर्थ है चंद्रमा की शक्ति या शुभता, यानि किसी विशेष दिन पर चंद्रमा आपके लिए शुभ है या नहीं ये चंद्रबल से पता चलता है। ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को महत्वपूर्ण ग्रह माना जाता है और यह मन का कारक भी है। इसलिए जब भी आप कोई शुभ कार्य करते हैं तो चंद्रबल अवश्य देखना चाहिए, ऐसा करने से सफलता मिलने की संभावना बढ़ जाती है। आप जब शादी, मुंडन जैसे शुभ काम करते हैं तो पंडित और पुरोहितों के द्वारा भी चंद्रबल की गणना की जाती है। आइए ऐसे में जान लेते हैं कि चंद्रबल की गणना आप कैसे कर सकते हैं। 

चंद्रबल (Chandrabal)

चंद्रमा को मानसिक और आत्मिक शक्ति देने वाला ग्रह माना जाता है। इसलिए किसी भी कार्य को शुरू करने से पहले चंद्रमा का शुभ और शक्तिशाली होना आपके लिए बेहद आवश्यक होता है। चंद्रबल शुभ है तो आपका मन प्रसन्न होता है, आपकी वैचारिक शक्ति उत्तम होती है और कार्यों में सफलता मिलती है। आप भी बेहद आसानी से जान सकते हैं कि चंद्रमा कब आपके लिए शुभ साबित होगा। इसके लिए बस आपको अपनी चंद्र राशि का पता होना चाहिए। जन्म कुंडली में चंद्रमा जिस राशि में विराजमान होता है वही आपकी चंद्र राशि होती है। अगर आपको अपनी चंद्र राशि पता नहीं है तो जिस दिन आपका जन्म हुआ है उस तारीख को किसी ऑनलाइन पंचांग में डालकर आप चंद्र राशि पता कर सकते हैं।

कैसे देखते हैं चंद्रबल? 

चंद्रबल देखने के लिए आपको दो बातें अवश्य पता होनी चाहिए। 

  1. आपकी चंद्र राशि जिसे जन्म राशि भी कहते हैं 
  2. आज के दिन चंद्रमा किस राशि में है

गणना करने की विधि

  • चंद्रमा अगर आज के दिन आपकी राशि से 1,3,6,7,10 और 11वें भाव में है तो आपका चंद्रबल शुभ है। 
  • चंद्रमा अगर आज के दिन आपकी राशि से 2,4,5,8,9 और 12वें भाव में है तो चंद्रबल अशुभ यानि कमजोर होगा। 

उदाहरण से समझें- मान लेते हैं कि सिंह आपकी चंद्र राशि है और आज चंद्रमा वृश्चिक राशि में विराजमान हैं। सिंह से वृश्चिक राशि चतुर्थ भाव (4) में आती है अर्थात सिंह राशि वाले जातक के लिए चंद्रबल कमजोर रहेगा। वहीं कन्या से वृश्चिक राशि तृतीय भाव (3) में आती है इसलिए कन्या वालों के लिए चंद्रबल शुभ साबित होगा। 

  • सातवें, दसवें और एकादश भाव में चंद्रबल सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। इस दौरान बेझिझक आप कोई भी शुभ कार्य कर सकते हैं। 
  • चतुर्थ, अष्टम और द्वादश भाव में चंद्रबल सबसे अशुभ माना जाता है।  इस दौरान गलती से भी कोई काम शुरू न करें। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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