पश्चिमी एशिया में जारी युद्ध के चलते भारत समेत कई देशों में ईंधन की आपूर्ति प्रभावित हुई है। ऐसे में पैनिक होकर लोगों ने गैस की खरीद शुरू कर दी है। कई जगहों पर गैस एजेंसी के बाहर लंबी लाइनों की खबरें सामने आई हैं। इन्हीं खबरों का फायदा उठाकर कुछ अपराधी साइबर ठगी कर रहे हैं। साइबर ठगों ने माहौल को देखते हुए ठगी का नया मॉड्यूल एक्टिवेट कर दिया है। इसके तहत लोगों को महानगर गैस का कस्टमर केयर होने का दावा कर एक APK भेजी जाती है। इस फाइल को ओपन करते ही आपका फोन हैक हो जाता है। इसके बाद आपसे मल्टीपल पेमेंट्स करने के लिए कहा जाता है। इसकी शुरुआत मात्र 10 या 20 रुपए से होती है।
मुंबई के कला चौकी में रहने वाले रमेश सुराणा के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उनके पास तीन अलग-अलग कंपनियों के कार्ड है। वह खुद भी बिजनेस हैंडल कर चुके हैं और एक जागरूक और समझदार व्यक्ति हैं, लेकिन जब उन्हें यह बात बताई गई कि उनके घर का गैस कनेक्शन कटने वाला है तो वह डर गए।
रमेश सुराणा को व्हाट्सएप पर साइबर ठग ने APK फाइल भेजी, उस पर जाकर उन्हें ₹10 का पेमेंट करने के लिए कहा गया। उन्होंने ऐसा ही किया लेकिन जैसे ही उन्होंने फाइल को ओपन किया उनका फोन हैक हो गया और उन्हें बैंक के मैसेज आने शुरू हो गए कि उनके क्रेडिट कार्ड से पैसे ट्रांसफर किए जा रहे हैं। उनके फोन में तीन अकाउंट क्रेडिट कार्ड के लिंक है, जिसमें यस बैंक, कोटक और अमेरिकन एक्सप्रेस शामिल है। पीड़ित ने बताया कि येस बैंक में तुरंत कार्ड को ब्लॉक कर दिया, लेकिन कोटक और अमेरिकन एक्सप्रेस से पैसे क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ट्रांसफर हो गया। उन्होंने देर रात पुलिस की हेल्पलाइन पर भी शिकायत की, लेकिन जब उन्होंने उनसे बैंक डिटेल मांगी तो वह फिर डर गए और अगले दिन जाकर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।
कालाचौकी पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले को लेकर पुलिस ने बताया कि इस केस में पीड़ित ने पहले ही हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर दिया था और इसलिए पुलिस उनका एक बड़ा अमाउंट बैंक से ट्रांसफर होने से पहले ही ब्लॉक करवा दिया गया था। ऐसा इसलिए संभव हो पाया क्योंकि उन्होंने सही समय पर पुलिस की हेल्पलाइन 1930 पर फोन कर दिया था ऐसा ही एक मामला और भी देखने को मिला है, जिसमें एक साइंटिस्ट के साथ इस तरीके का फ्रॉड हुआ था। उसमें भी इसी मॉड्यूल का उपयोग किया गया है। हमारे सभी नागरिकों से यही अपील है कि महानगर गैस किसी भी प्रकार का व्हाट्सएप मैसेज नहीं भेजता और अगर ऐसा कुछ होता है या आपको एपीके फाइल आती है तो आप उसे न खोले अगर ओपन कर भी लिया है, तो तुरंत पुलिस हेल्पलाइन से संपर्क करे। साथ ही अपने फोन का टू स्टेप वेरीफिकेशन तथा मैसेज फॉरवर्डिंग सिस्टम बंद करके रखें।
नागपुर साइबर पुलिस के उपयुक्त लोहित मतानी ने बताया कि साइबर टीम भ्रमक ,अफवाह, गलत प्रकार के वीडियो को डिलीट कर रही है। साथ ही साथ उन्होंने कहां की इस तरीके के अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस ने उनकी पहचान करनी शुरू कर दी है एवं जल्द ही ऐसे असामाजिक तत्वों पर एफआईआर दर्ज की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। नागपुर साइबर पुलिस ने नागरिकों को संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने या गैस एजेंसी के नाम पर आने वाले अज्ञात नंबरों से कॉल पर भरोसा करने को लेकर सावधान किया है।
नागपुर साइबर के पुलिस उपायुक्त लोहित मतानी ने आगे कहा कि लोगों के पास फेक कॉल आ रहे हैं, लिंक भेजा जा रहा है, ओटीपी मांगा जा रहा है एवं लोगों को ठगने का प्रयास करने की कोशिश कर रहे हैं। साइबर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि इस तरीके की फोन कॉल उनके पास आते हैं तो साइबर टीम से या पुलिस थाने में जाकर इसकी शिकायत करें एवं सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले अफवाहें में ना आएं।
यह भी पढ़ें-
जेल में बंद आरोपी को मोबाइल देने के आरोप में कांस्टेबल गिरफ्तार, गूगल पे से लिए हजारों रुपये
संपादक की पसंद