महाराष्ट्र के सोलापुर जिले से एक बड़ा ही हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। दरअसल, सतारा MD ड्रग्स केस मामले में जेल में बंद आरोपी को मोबाइल देने के आरोप में सोलापुर जेल के कांस्टेबल को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि कांस्टेबल ने रिश्वत लेकर आरोपी को मोबाइल फोन इस्तेमाल करने दिया है। इस मामले के खुलासे ने जेल में सनसनी फैला दी है। आइए जानते हैं इस पूरे मामले को।
क्या है पूरा मामला?
बीते दिनों महाराष्ट्र के सतारा में सामने आए करोड़ रुपये के MD ड्रग्स फैक्ट्री केस की जांच के दौरान एक बड़ा खुलासा हुआ था। मुंबई क्राइम ब्रांच ने सोलापुर सेंट्रल जेल में तैनात एक जेल कांस्टेबल को गिरफ्तार किया था, जिस पर यह आरोप है, कि उसने रिश्वत लेकर जेल में बंद मुख्य आरोपी को मोबाइल फोन इस्तेमाल करने दिया। क्राइम ब्रांच की यूनिट-7 ने सोलापुर सेंट्रल जेल के कांस्टेबल बालू चव्हाण को पिछले महीने गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि उसने ड्रग्स केस के मुख्य आरोपी फैजान शेख को जेल के अंदर मोबाइल फोन इस्तेमाल करने की अनुमति दी थी।
डिजिटल ट्रांसफर के जरिए लिए पैसे
मुंबई पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कांस्टेबल बालू चव्हाण ने इसके बदले 40 हजार रुपये से ज्यादा की रकम डिजिटल ट्रांसफर के जरिए ली थी। यह रकम फैजान शेख के रिश्तेदारों ने गूगल पे के माध्यम से 5 हजार से 10 हजार रुपये की किश्तों में भेजी थी। आरोप है कि पैसे मिलने के बाद चव्हाण ने फैजान शेख को जेल में मोबाइल फोन इस्तेमाल करने दिया, जिससे वह बाहर मौजूद अपने साथियों से संपर्क कर सके।
ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े लोगों से संपर्क में था फैजान
जांच एजेंसियों को शक है कि फैजान शेख इस मोबाइल फोन के जरिए जेल के अंदर से ही ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े लोगों से संपर्क में था और बाहर चल रही गतिविधियों को निर्देश दे रहा था। सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान उसने अपने बेटे फहद शेख से भी संपर्क किया था। फहद इस मामले में नामजद आरोपी है और फिलहाल फरार है। पुलिस को शक है कि वह दुबई से ड्रग्स सप्लाई और पैसों के लेन-देन को संभाल रहा है। फैजान शेख इस केस में करीब डेढ़ साल से सोलापुर सेंट्रल जेल में बंद है। जांच के दौरान क्राइम ब्रांच को जानकारी मिली कि जेल में रहने के बावजूद वह बाहर मौजूद नेटवर्क से संपर्क बनाए हुए था।
115 करोड़ रुपये की ड्रग्स बरामद हुई थी
यह मामला 9 दिसंबर 2025 का है, जब सतारा जिले के जावली तालुका के सावरी गांव में एक खेत में MD ड्रग्स बनाने की अवैध फैक्ट्री होने की जानकारी मिली थी। इस इनपुट के आधार पर मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट-7 ने 13 दिसंबर 2025 को वहां छापा मारा, जहां से करीब 115 करोड़ रुपये कीमत की MD ड्रग्स और उससे जुड़ी सामग्री बरामद की गई। दरअसल इस पूरे नेटवर्क का सुराग तब मिला जब पुलिस ने मुलुंड से MD ड्रग्स बेचने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस सतारा में चल रही इस फैक्ट्री तक पहुंची।
ये भी पढ़ें- महाराष्ट्र: सोशल मीडिया के रील स्टार ने 50 लाख के विवाद में रिटायर्ड प्रोफेसर की हत्या की, शव को जंगल में दफनाया
तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने युवती को कुचला, कई गाड़ियों में भी मारी टक्कर; CCTV फुटेज आया सामने