पटना: राज्यसभा चुनाव में अपने उम्मीदवार की हार पर राष्ट्रीय जनता दल के नेता और पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने कहा कि अगर कुछ लोगों ने धोखा नहीं दिया होता तो आज हमारी जीत तय थी। तेजस्वी राज्यसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
तेजस्वी यादव ने कहा कि एनडीए के पास तीन वोट कम था जबकि हमलोगों के पास पूरा वोट था, फिर भी हमलोगों ने लड़ना पसंद किया। हमने उनके सामने नाक रगड़ना पसंद नहीं किया। उनकी (बीजेपी) जो विचारधारा है हम हमेशा उनके खिलाफ लड़ेंगे। चार लोग आज वोटिंग में गैरहाजिर रहे इस पर हम बाद में प्रतिक्रिया देंगे। लेकिन एक बात साफ है कि अगर कुछ लोगों ने धोखा ना दिया होता तो आज हमारी जीत तय थी।
तेजस्वी ने कहा कि एआइएमआइएम के पांच लोगों ने सहयोग किया, बीएसपी के एक विधायक ने सहयोग किया। अगर कोई एब्सेंट होता है तो आप सब लोगों को पता है कि बीजेपी का चाल और चरित्र क्या है, छल कपट तंत्र-मंत्र,मशीन तंत्र यह बीजेपी करती रही है। केवल बिहार में ही नहीं, कई दूसरे राज्यों में भी इस तरह की बातें आई है, कार्रवाई बाद में तय करेंगे।
बता दें कि बिहार में राज्यसभा की सभी पांच सीटों पर एनडीए ने जीत हासिल की है। वोटिंग के दौरान विपक्षी महागठबंधन के चार विधायकों की गैरमौजूदगी से राजनीतिक समीकरण बदल गया, जिससे एनडीए को निर्णायक बढ़त मिल गई। चुनाव में एनडीए के उम्मीदवार जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को प्रथम वरीयता के 44 वोट मिले, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को भी 44 मत प्राप्त हुए। वहीं राष्ट्रीय लोक मोर्चा के उपेंद्र कुशवाहा को 42 और जदयू के रामनाथ ठाकुर को भी 42 वोट मिले। महागठबंधन में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह को केवल 37 वोट मिले। इसके बाद द्वितीय वरीयता के मतों की गिनती में भाजपा के उम्मीदवार शिवेश राम की जीत के साथ ही पांचवीं सीट भी एनडीए के खाते में चली गई।
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