नई दिल्ली: लैंड बिल के मुद्दे से जुड़ी लड़ाई को सोशल मीडिया पर ले जाते हुए कांग्रेस ने ‘जमीन वापसी’ वेबसाइट की शुरूआत की। माना जा रहा है कि आज की रैली में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी छुट्टी से वापसी के बाद केंद्र की मोदी सरकार पर पहला बड़ा सीधा हमला बोलेंगे।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा कि 'www.zameenwapsi.com' की शुरुआत की गई है क्योंकि नरेंद्र मोदी सरकार इस मुद्दे पर लोगों को गुमराह करने के लिए 'झूठ का पुलिंदा' आगे बढ़ा रही है। ये वेबसाइट दो भाषाओं में है।
पार्टी महासचिव दिग्विजय सिंह ने सरकार को चुनौती दी कि वह भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर खुली बहस करे। दिग्विजय रविवार को होने वाली रामलीला मैदान की रैली के संयोजक हैं।
दिग्विजय ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी कहते हैं कि वे बहस के लिए तैयार हैं। अगर यह बात थी तो फिर अध्यादेश क्यों लाया गया। गडकरी बहस की बात ऐसे करते हैं जैसे वह चुनौती पेश कर रहे हैं। मैं और जयराम रमेश दोनों बहस के लिए तैयार हैं। वे जहां चाहें वहां बहस हो सकती है।'
रमेश ने कहा कि यह वेबसाइट गांव और शहरी इलाकों के किसानों के लिए अपने विचार और समस्याओं को रखने का माध्यम होगी। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस उनके मुद्दों को सरकार के पास ले जाने का प्रयास करेगी।'
बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत सोमवार को हो रही है। संसद में इस दौरान भूमि विधेयक के मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव देखने को मिल सकता है। कांग्रेस और दूसरे कई विपक्षी दल प्रधानमंत्री मोदी को 'कारपोरेट समर्थक' और 'किसान विरोधी' के तौर पर पेश कर रहे हैं, हालांकि भाजपा और सरकार ने इस विचार को खारिज किया है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं वाली इस वेबसाइट की जरूरत थी, क्योंकि सरकार भूमि अधिग्रहण अध्यादेश-2015 पर 'गलत सूचना' का विधिवत अभियान चला रही है।
दिग्विजय सिंह ने इस बात को खारिज कर दिया कि रविवार की रैली राहुल गांधी के नेतृत्व के लिए 'बनने अथवा बिगड़ने' (मेक ऑर ब्रेक) वाली होगी। एक पत्रकार की ओर से सवाल किए जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘बनने या बिगड़ने जैसी कोई चीज नहीं है।’’
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