चेन्नई: तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री ओ.पन्नीरसेल्वम ने बुधवार को कहा कि ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के प्रतिद्वंद्वी गुट के दो नेताओं वी.के.शशिकला तथा उनके भतीजे टी.टी.वी.दिनाकरण को पार्टी से निकाला जाना 'धर्मयुद्ध' में उनकी पहली जीत है और अब दोनों गुट सुलह वार्ता करेंगे। दिनाकरण ने कहा है कि पार्टी में हर किसी ने उन्हें पार्टी मामलों से अलग रखने का फैसला किया है, इसलिए उन्होंने पार्टी से दूर रहने का फैसला किया।पन्नीरसेल्वम ने कहा कि न्याय के लिए लड़ाई तब तक जारी रहेगी, 'जब तक मूल उद्देश्य की प्राप्ति नहीं हो जाती।'
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उनकी यह टिप्पणी तमिलनाडु के वित्तमंत्री डी.जयकुमार द्वारा मंगलवार रात उस घोषणा के बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा था कि पार्टी नेताओं ने पार्टी की महासचिव शशिकला और उपमहासचिव दिनाकरण और उनके परिवार के अन्य सदस्यों को पार्टी से निकालने का फैसला किया है। पन्नीरसेल्वम ने दोहराया कि एआईएडीएमके के संस्थापक व पूर्व मुख्यमंत्री एम.जी.रामचंद्रन तथा पूर्व मुख्यमंत्री जे.जयललिता ने पार्टी का नेतृत्व कार्यकर्ताओं के आंदोलन के रूप में किया था।
उन्होंने कहा कि जयललिता के निधन के बाद एआईएडीएमके शशिकला परिवार के हाथों में चली गई।पन्नीरसेल्वम ने कहा, "पार्टी को उस परिवार के चंगुल से छुड़ाना न्याय की लड़ाई है।"उन्होंने कहा कि अब पार्टी के दोनों गुट एक होने के लिए बातचीत करेंगे और पार्टी के सदस्यों की इच्छा के आधार पर फैसला किया जाएगा। जयकुमार ने गुरुवार रात कहा था कि पार्टी के संचालन के लिए एक समिति गठित की जाएगी।
एआईएडीएमके प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री जे.जयललिता के निधन के बाद पिछले वर्ष दिसंबर में पार्टी की महासचिव चुनी गईं शशिकला इस समय भ्रष्टाचार के मामले में जेल में हैं। इससे पहले दिन में दिनाकरण ने कहा कि चूंकि सभी चाहते हैं कि वह पार्टी से बाहर रहें, इसलिए उन्होंने भी पार्टी से दूर रहने का फैसला किया है।
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