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MNREGA पर घमासान! थरूर ने सरकार पर साधा निशाना, संसद में सुनाया देव आनंद की फिल्म का ये गाना

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलने के लिए संसद में बिल पेश किया गया, जिसकी थरूर ने आलोचना की है।

थरूर ने सरकार पर साधा निशाना।- India TV Hindi
Image Source : PTI थरूर ने सरकार पर साधा निशाना।

नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MNREGA) का नाम बदलने के फैसले की कड़ी आलोचना की है। शशि थरूर अक्सर पार्टी नेतृत्व से मतभेद के लिए चर्चा में रहते हैं हालांकि वह अब भी कांग्रेस में बने हुए हैं। शशि थरूर ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर हालिया अटकलों और कांग्रेस हाई कमान के साथ अतीत में हुए मतभेदों के बावजूद, संसद में स्पष्ट किया कि वे केंद्र के इस फैसले के खिलाफ दृढ़ रुख रखते हैं। थरूर ने केंद्र के इस फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि ‘‘देखो ओ दीवानो तुम ये काम न करो, राम का नाम बदनाम ना करो।’’

संसद में सुनाया देव आनंद की फिल्म का गाना

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने मंगलवार को लोकसभा में ‘विकसित भारत-जी राम जी विधेयक, 2025’ पेश किए जाने का विरोध किया। उन्होंने देव आनंद की मशहूर फिल्म ‘हरे रामा हरे कृष्णा’ के एक गीत का उल्लेख करते हुए सत्तापक्ष पर कटाक्ष किया कि ‘‘देखो ओ दीवानो तुम ये काम न करो, राम का नाम बदनाम ना करो।’’ बता दें कि केंद्र सरकार ने विपक्ष के तीखे विरोध के बीच मंगलवार को लोकसभा में ‘विकसित भारत-जी राम जी विधेयक, 2025’ पेश किया, जो महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MNREGA) के स्थान पर लाया गया है। 

महात्मा गांधी का नाम हटाने पर की आलोचना

शशि थरूर ने कहा, ‘‘महात्मा गांधी का राम राज्य का दृष्टिकोण कभी भी पूरी तरह से राजनीतिक प्रोजेक्ट नहीं था। यह एक सामाजिक-आर्थिक ब्लूप्रिंट था जो गांवों को मज़बूत बनाने पर आधारित था और ग्राम स्वराज में उनका अटूट विश्वास उस दृष्टिकोण का मुख्य हिस्सा था।’’ थरूर ने दावा किया कि मूल अधिनियम में राष्ट्रपिता का नाम रखकर इस गहरे जुड़ाव को स्वीकारा गया था कि सच्ची रोज़गार गारंटी और तरक्की ज़मीनी स्तर से ही होनी चाहिए, जो सबसे आखिरी व्यक्ति को सबसे पहले रखने के उनके सिद्धांत को दिखाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि महात्मा गांधी का नाम हटाना विधेयक से उसके नैतिक आधार और ऐतिहासिक वैधता को छीनना है।

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