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केरल के पूर्व CM पिनाराई विजयन के घर पर छापा मारने वाले ED अधिकारियों पर हमला, गाड़ियों में भी तोड़फोड़

विजयन के समर्थकों ने ईडी के अधिकारियों पर हमला किया है और गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की है। मौके पर जमकर हंगामा हुआ है।

ED- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV ED अधिकारियों पर हमला

तिरुवनंतपुरम: केरल की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के घर पर छापा मारा। इस दौरान जमकर हंगामे की बात सामने आई है। 

मिली जानकारी के मुताबिक, विजयन के समर्थकों ने ईडी के अधिकारियों पर हमला किया और गाड़ियों में भी जमकर तोड़फोड़ की। इस दौरान पत्थरबाजी की बात भी सामने आई।

हिंसक हुआ प्रदर्शन

पिनारयी विजयन के आवास के बाहर सीपीएम कार्यकर्ता और नेताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था। यहां ईडी की छापेमारी हो रही थी। अचानक प्रदर्शन हिंसक हो गया, जिसमें सीपीएम कार्यकर्ताओं ने घर में घुसने की कोशिश की और अंदर बोतलें और हेलमेट फेंके।

ईडी के अधिकारियों पर हमला किया गया और उनकी गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई। ये हंगामा विजयन के घर पर ईडी की छापेमारी के खिलाफ हुआ था।

ED की टीम FIR दर्ज करवाएगी

ED टीम पर केरल में जो हमला हुआ, उस मामले में ED की टीम FIR दर्ज करवाएगी। इसके अलावा ED कोर्ट भी मूव करेगी। ईडी की गाड़ियों को नुकसान हुआ है। अब तक की जानकारी के मुताबिक, ईडी का कोई अधिकारी इस हमले में घायल नहीं हुआ है।

क्या है पूरा मामला?

ED ने केरल की कंपनी सीएमआरएल यानी कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री विजयन की बेटी वीणा विजयन और कंपनी के अधिकारियों के कई ठिकानों पर छापेमारी की गई। ED की टीम ने केरल के कन्नूर, एर्नाकुलम, तिरुवनंतपुरम और बेंगलुरु समेत करीब 10 जगहों पर तलाशी ली। जांच एजेंसी का कहना है कि कंपनी में फर्जी खर्च दिखाकर करोड़ों रुपये का खेल किया गया। यह मामला सबसे पहले साल 2019 में सामने आया था, जब इनकम टैक्स विभाग ने सीएमआरएल पर छापा मारा था। जांच में करीब 130 करोड़ रुपये के फर्जी खर्च मिलने की बात सामने आई थी। बाद में इस मामले की जांच सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस यानी एसएफआईओ को दी गई।

एसएफआईओ ने अपनी जांच में दावा किया कि कंपनी ने पिछले 15 साल में करीब 182 करोड़ रुपये के फर्जी कैश खर्च दिखाए। साथ ही कंपनी के एमडी एस.एन. ससीधरन कार्ता और उनके बेटे सारन कार्ता को 2015-16 से 2022-23 के बीच करीब 30.63 करोड़ रुपये वेतन और दूसरे भुगतान के रूप में दिए गए, जबकि कंपनी ने शेयरधारकों को कोई डिविडेंड नहीं दिया।

ED के मुताबिक वीणा विजयन की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड को भी सीएमआरएल से करीब 2.78 करोड़ रुपये दिए गए। यह रकम आईटी कंसल्टेंसी के नाम पर दी गई थी। जांच में यह भी सामने आया कि सीएमआरएल से जुड़ी एक दूसरी कंपनी ने एक्सालॉजिक को 50 लाख रुपये का लोन भी दिया था। सीएमआरएल ने ईडी की जांच को केरल हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। कंपनी का कहना था कि बिना किसी मूल अपराध के ईडी जांच नहीं कर सकती। लेकिन 26 मई 2026 को केरल हाईकोर्ट ने कंपनी की याचिका खारिज कर दी और कहा कि ईडी की जांच कानून के मुताबिक है। इसके बाद ईडी ने तलाशी अभियान शुरू किया। ED के मुताबिक वीणा विजयन जिस घर में रह रही थीं, वहां उनके पिता और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन भी मौजूद थे। तलाशी के दौरान निवेश और बैंक एफडी से जुड़े कुछ दस्तावेज भी मिले है, जिनकी जांच की जा रही है। फिलहाल ईडी पूरे मामले में पैसों के लेन-देन और कथित मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही है।

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