1. Hindi News
  2. झारखण्ड
  3. अचानक से जमीन में धंस गया मकान, एक बच्चे की मौत, पांच मलबे में दबे, अवैध खनन के खिलाफ उबला आक्रोश

अचानक से जमीन में धंस गया मकान, एक बच्चे की मौत, पांच मलबे में दबे, अवैध खनन के खिलाफ उबला आक्रोश

झारखंड के धनबाद के कोयलांचल में भू-धंसान का कहर देखने को मिली है। इस घटना में एक बच्चे की मौत हो गई और मलबे में दबने के कारण पांच लोगों की मौत हो गई। जिले में अवैध खनन के खिलाफ स्थानीय आक्रोश बढ़ गया है।

jharkhand dhanbad illegal mining- India TV Hindi
Image Source : REPORTER धनबाद में भू-धंसाव की घटना।

कोयले की अवैज्ञानिक खुदाई और खोखली होती धरती के बीच धनबाद कोयलांचल में मंगलवार सुबह एक और भू-धंसान की दर्दनाक घटना सामने आई। सिजुआ क्षेत्र के मोदीडीह भुइंटा पट्टी में अहले सुबह मकान धराशायी होने से एक 10 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई, जबकि उसकी मां समेत चार परिवारीजन गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के विरोध में आक्रोशित स्थानीय लोगों ने धनबाद-कतरास मुख्य मार्ग जाम कर मुआवजा और पुनर्वास की मांग की, जिससे क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।

सुबह 5 बजे गूंजी चीख-पुकार

मंगलवार को सुबह करीब 5 बजे सिजुआ 10 नंबर मोड़, जोगता थाना क्षेत्र में जोरदार चरचराहट की आवाज के साथ गुड्डू भुइयां का मकान अचानक जमीन में धंस गया। मकान के मालिक गुड्डू भुइयां उस समय चाय पीने सिजुआ मोड़ गए थे, लेकिन उनकी पत्नी चंदा देवी (42) और चार बच्चे—विक्रम (10), आरती (11), पूजा (13) और वाला (3) घर में सो रहे थे। प्रत्यक्षदर्शी अर्जुन भुइयां ने बताया, "मैं सुबह पानी लगाने टुल्लू पंप लगाने जा रहा था कि तभी अचानक चरचराहट की आवाज के साथ घर धंसने लगा। चिल्लाने की आवाज सुनकर आस-पास के लोग जान जोखिम में डालकर सभी को मलबे से बाहर निकाला।" हालांकि, बचाव अभियान के बावजूद 10 वर्षीय विक्रम कुमार भुइयां की मौत हो गई। उसकी मां चंदा देवी और तीन अन्य बच्चों को तत्काल कतरास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।

12 परिवार प्रभावित, बीसीसीएल की लापरवाही का आरोप

बीसीसीएल प्रबंधन द्वारा आस-पास के प्रभावित 12 परिवारों की सूची तैयार की गई है। गुड्डू भुइयां, करण भुइयां, जर्नादन मल्लाह, केदार भुइयां और गोपी भुइयां के घर पूरी तरह जमींदोज हो गए, जबकि बोगली भुइयां, केदार भुइयां और अर्जुन भुइयां के घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि धनबाद कोयलांचल में बीसीसीएल की तरफ से अवैज्ञानिक तरीके से कोयले का खनन, खनन के बाद खदानों में बालू भराई में घपले-घोटाले और कोयले के अवैध खनन के कारण धरती पूरी तरह खोखली और खतरनाक हो गई है। आपको बता दें कि इससे पहले झारखंड की ‘बर्निंग सिटी’ झरिया में भी जोरदार धमाके के साथ जमीन धंस गई थी।

Image Source : Reporterमलबा बन गया लोगों की घर।

सड़क जाम, विधायक का आश्वासन

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग आक्रोशित हो उठे। उन्होंने धनबाद-कतरास मुख्य मार्ग को जाम कर दिया और सड़क के समीप टायर जलाकर सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। आक्रोशित लोगों ने मृतक के परिवार को पांच लाख रुपये मुआवजा और सभी प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की मांग की। जानकारी पाते ही विधायक शत्रुघ्न महतो अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। उन्होंने सीएमडी, डीसी और एसपी सहित अन्य अधिकारियों को घटना की जानकारी दी और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

8 महीने में 45 से अधिक घटनाएं: एक खतरनाक ट्रेंड

यह घटना झारखंड के धनबाद कोयलांचल में हो रही लगातार भू-धंसान की घटनाओं की कड़ी है। आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से सितंबर 2026 तक कोयलांचल में 45 से अधिक भू-धंसान और गोफ बनने की घटनाएं दर्ज की गई हैं। बता दे कि 100 साल से अधिक पुरानी कोयला आग, जो जमीन के भीतर जल रही है, और अवैज्ञानिक खनन पद्धतियों के कारण क्षेत्र की धरती खोखली होती जा रही है। अगस्त और सितंबर में बारिश के साथ घटनाओं की रफ्तार और बढ़ गई है। भू-धंसान और खनन संबंधी दुर्घटनाओं में मृतक के परिवार को मुआवजा देने का प्रावधान खनन नियमावली और आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत है। हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछली घटनाओं में भी मुआवजा और पुनर्वास के वादे अधूरे रहे हैं।

आगे की कार्रवाई

प्रशासन ने घटनास्थल पर बचाव और राहत कार्य जारी रखा है। बीसीसीएल प्रबंधन ने प्रभावित परिवारों की सूची तैयार करने और उन्हें अस्थायी आवास उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है। क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और स्थानीय लोग ठोस कार्रवाई और त्वरित मुआवजे की मांग पर अड़े हुए हैं। (रिपोर्ट: कुंदन सिंह)

ये भी पढ़ें- झारखंड में दुखद संयोग, हेमंत सोरेन सरकार में 2023 से शिक्षा मंत्री रहते हुए 3 नेताओं की हो गई मौत