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झारखंड में दुखद संयोग, हेमंत सोरेन सरकार में 2023 से शिक्षा मंत्री रहते हुए 3 नेताओं की हो गई मौत

 Written By: Mangal Yadav
 Published : Sep 06, 2026 09:16 pm IST,  Updated : Sep 06, 2026 09:21 pm IST

झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार के निधन के साथ झारखंड में एक दुखद संयोग सामने आया है। वह 2023 के बाद राज्य में शिक्षा विभाग से जुड़े तीसरे ऐसे मंत्री थे, जिनका निधन हुआ है।

सुदिव्य कुमार- India TV Hindi
सुदिव्य कुमार। फाइल Image Source : PTI

रांची: झारखंड की राजनीति और शिक्षा जगत के लिए रविवार, 6 सितंबर 2026 का दिन बेहद दुखद रहा। झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री और गिरिडीह सदर विधायक सुदिव्य कुमार सोनू का आकस्मिक निधन हो गया। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें गिरिडीह के अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। शुरुआती रिपोर्टों में हार्ट अटैक/कार्डियक अरेस्ट को मौत की वजह बताया गया है।

सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के साथ झारखंड में पिछले करीब साढ़े तीन वर्षों के दौरान शिक्षा विभाग से जुड़े तीन मंत्रियों के पद पर रहते असमय निधन का दुखद संयोग सामने आया है। इससे पहले जगरनाथ महतो और रामदास सोरेन का भी मंत्री पद पर रहते निधन हो चुका है। तीनों ही झारखंड मुक्ति मोर्चा से जुड़े रहे और राज्य सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालते रहे।

6 अप्रैल 2023 को जगरनाथ महतो का निधन

इस दुखद सिलसिले की शुरुआत जगरनाथ महतो के निधन से हुई। तत्कालीन स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री जगरनाथ महतो का 6 अप्रैल 2023 को चेन्नई में इलाज के दौरान निधन हुआ था। कोरोना संक्रमण के बाद उनके फेफड़ों में गंभीर समस्या उत्पन्न हुई थी और लंबे समय तक उनका इलाज चला।

जगरनाथ महतो झारखंड की राजनीति के जुझारू और लोकप्रिय नेताओं में गिने जाते थे। शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभालते हुए उनके निधन से राज्य की राजनीति को बड़ा झटका लगा था। उनके निधन के बाद सरकार को शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी के लिए नए नेतृत्व की जरूरत पड़ी।

15 अगस्त 2025 को रामदास सोरेन का निधन

जगरनाथ महतो के निधन के करीब दो साल बाद झारखंड ने एक और शिक्षा मंत्री को खो दिया। घाटशिला के विधायक रामदास सोरेन तत्कालीन स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री थे। गंभीर रूप से बीमार होने के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाया गया था, जहां 15 अगस्त 2025 को उनका निधन हो गया। रामदास सोरेन के निधन से भी राज्य की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई थी। उनके निधन के बाद एक बार फिर शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी सरकार के सामने एक बड़ी चुनौती के रूप में आई।अब सुदिव्य कुमार सोनू की आकस्मिक विदाई

अब 6 सितंबर 2026 को सुदिव्य कुमार सोनू के निधन ने इस दुखद कड़ी में तीसरा अध्याय जोड़ दिया है। गिरिडीह सदर से विधायक सुदिव्य सोनू मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ नगर विकास एवं आवास, पर्यटन, कला-संस्कृति तथा खेलकूद एवं युवा कार्य जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। सुदिव्य कुमार सोनू के निधन की खबर सामने आते ही झारखंड के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया है।

तीन मंत्री, तीन असमय विदाई

झारखंड के लिए यह महज तीन राजनीतिक नेताओं के निधन की कहानी नहीं है, बल्कि एक ऐसा दुखद संयोग है, जिसने राज्य की राजनीति और शिक्षा व्यवस्था को लगातार झकझोरा है। इन तीनों के निधन के बीच एक समानता यह रही कि तीनों ने शिक्षा विभाग से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली और मंत्री पद पर रहते हुए असमय दुनिया को अलविदा कहा।

रिपोर्टः मुकेश सिन्हा

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