झारखंड से एक इमोशनल कर देने वाली खबर सामने आई है। बोकारो थर्मल थाना क्षेत्र के गोविंदपुर बस्ती में मंगलवार को भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा। करीब 20 साल पहले रोजगार की तलाश में मुंबई जाने के लिए परशुराम महतो अपने घर से निकले और फिर अचानक लापता हो गए। लेकिन किस्मत ने ऐसी बाजी पलटी कि 20 साल बाद परशुराम सकुशल अपने परिवार के बीच वापस लौट आए। उन्हें देखकर तो पहले घर के लोगों को भरोसा ही नहीं हुआ, लेकिन जब भरोसा हुआ और उन्होंने पत्नी की मांग में सिंदूर भरा तो परिवार ही नहीं, पूरे गांव के लोगों की आंखों में आंसुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।
पत्नी की आंखों में नहीं थम रहे थे आंसू
लंबे इंतजार के बाद पति को सामने देख पत्नी की खुशी का ठिकाना नहीं था। परशुराम के घर लौटने की खबर मिलते ही ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़े और गाजे-बाजे के साथ उनका जोरदार स्वागत किया। बड़ी संख्या में लोग इस पल के गवाह बने। वर्षों से पति की राह देख रही पत्नी की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। ग्रामीण महिलाओं की मौजूदगी में पति ने पत्नी की मांग में सिंदूर भरा। वर्षों बाद का यह मिलन देखकर वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं।
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राजस्थान के भरतपुर से लौटे वापस
परशुराम महतो ने बताया कि वे पिछले करीब एक साल से राजस्थान के भरतपुर जिले के एक आश्रम में रह रहे थे। बोकारो थर्मल थाना प्रभारी के माध्यम से परिजनों को इसकी सूचना मिली। सूचना मिलते ही परिवार के लोग राजस्थान पहुंचे और उन्हें सकुशल घर ले आए। परिजनों और ग्रामीणों ने बोकारो थर्मल थाना प्रभारी एवं पुलिस प्रशासन का आभार जताया। प्रशासन के सहयोग से ही 20 साल बाद परिवार को अपना बेटा वापस मिल सका। जिस घर में दो दशकों से सिर्फ इंतजार था, वहां अब खुशियां लौट आई हैं। यह सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे गांव के लिए यादगार और भावुक कर देने वाला पल बन गया।
(बोकारो से मृत्युंजय मिश्रा की रिपोर्ट)
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