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धनबाद में अचानक भू-धंसान, मकानों में दरारें, हैवी ब्लास्टिंग पर मेयर की BCCL को चेतावनी

स्थानीय लोगों का कहना है कि उनके घरों में दरार आ गई है और उनके पास रहने के लिए दूसरी जगह नहीं है। वहीं, बीसीसीएल का कहना है कि दरार सुबह के समय आई है, जबकि इस समय बीसीसीएल कोई ब्लास्टिंग नहीं करता है।

house crack- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT मकान में आई दरार

झारखंड के धनबाद में शनिवार को अचानक जमीन धंसने और खिसकने से अफरा-तफरी मच गई। घटना झरिया के बस्ताकोला एरिया-9 के भगतडीह इलाके की है। यहां पुराने आरएसपी कॉलेज के पीछे कामिनी कल्याण क्षेत्र के कई मकानों में बड़ी दरारें पड़ गईं और स्थानीय लोग दहशत में हैं। सुरक्षा के मद्देनजर कई परिवार अपने जरूरी सामान के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि पास में हो रही हैवी ब्लास्टिंग के बाद तेज आवाज और झटके के साथ जमीन में हलचल शुरू हुई, जिससे जमीन का एक हिस्सा अचानक धंस गया। घटना से 7 घर पूरी तरह प्रभावित हुए हैं।

पीड़ितों के घर पहुंचे मेयर

सूचना के तुरंत बाद बस्ताकोला एरिया के जीएम एसके गायकवाड़ और धनबाद मेयर संजीव सिंह मौके पर पहुंचे और जायजा लिया। प्रभावित रैयतों ने सड़क जाम कर विरोध जताया। मेयर ने कहा कि किसी भी परिवार को खतरे वाले मकान में रहने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा और जिन घरों में गंभीर दरारें हैं, वहां के परिवारों को बीसीसीएल के सुरक्षित क्वार्टरों में स्थानांतरित किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पाइपलाइनों को हुए नुकसान की त्वरित मरम्मत और इलाके का सर्वे कराया जा रहा है।

बीसीसीएल मैनेजमेंट को चेतावनी

हैवी ब्लास्टिंग के मुद्दे पर मेयर ने बीसीसीएल प्रबंधन को कड़ी चेतावनी दी। अगर शिकायतों पर तुरंत प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो बस्ताकोला एरिया के राजापुर प्रोजेक्ट को बंद कराने तक के कदम उठाए जाएंगे। बीसीसीएल और प्रोजेक्ट ऑफिसर को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं ताकि स्थानीय लोगों की जान और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

बीसीसीएल मैनेजमेंट की सफाई

बस्ताकोला एरिया के जीएम एसके गायकवाड़ ने बताया कि प्रबंधन पिछले कई तिमाहियों से राहत और पुनर्वास के काम कर रहा है। उन्होंने प्रभावित परिवारों से जरूरी दस्तावेज तैयार रखने को कहा ताकि जेएमपी-2 समेत नियमानुसार मिलने वाली सुविधाएँ दी जा सकें। जिन मकानों को गंभीर नुकसान हुआ है, वहां के लोग आसपास उपलब्ध खाली क्वार्टरों में शिफ्ट किए जा रहे हैं।

फिर ताजा हुई पुरानी समस्या

स्थानीय लोगों ने बताया कि 2017 में ट्रेंच कटिंग के कारण तत्कालीन उपायुक्त के आदेश पर पुराने आरएसपी कॉलेज परिसर को खाली कराया गया था, और अब फिर भू-धंसान से पुरानी चिंताएं ताजा हो गई हैं। अभी प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया चल रही है और प्रशासन तथा बीसीसीएल की टीम पूरे इलाके की निगरानी कर रही है। सर्वे के बाद जमीन, मकानों की दरारें, पाइपलाइन और अन्य संपत्तियों का नुकसान आकलित कर राहत और रिहैब कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे।

(धनबाद से कुंदन सिंह की रिपोर्ट)

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