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हेयर ट्रांसप्लांट कराने के क्या क्या साइड इफेक्ट्स हैं? डॉक्टर ने बताए नुकसान

हेयर ट्रांसप्लांट आमतौर पर एक सुरक्षित प्रक्रिया मानी जाती है, लेकिन किसी भी सर्जिकल प्रक्रिया की तरह इसके भी साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। ऐसे में डॉक्टर बता रहे हैं कि इसके क्या क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं।

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Image Source : MAGNIFIC हेयर ट्रांसप्लांट कराने के क्या क्या साइड इफेक्ट्स हैं? डॉक्टर ने बताए नुकसान

गंजेपन से छुटकारा पाने के लिए आज के समय में लोग हेयर ट्रांसप्लांट करते हैं। हेयर ट्रांसप्लांट उन लोगों के लिए एक सुरक्षित और प्रभावी प्रक्रिया मानी जाती है, जो पैटर्न हेयर लॉस से परेशान हैं। हालांकि, यह जरूरी है कि यह प्रक्रिया सही जांच के बाद किसी एक्सपर्ट द्वारा की जाए। किसी भी सर्जिकल प्रक्रिया की तरह हेयर ट्रांसप्लांट के भी कुछ साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं, जिन्हें हेयर ट्रांसप्लांट कराने वाले मरीज को समझना चाहिए। ऐसे में डॉ. प्रवीण कुमार बी वाई, वरिष्ठ सलाहकार त्वचा रोग विशेषज्ञ एवं सौंदर्य प्रसाधन विशेषज्ञ , ग्लेनईगल्स हॉस्पिटल्स  बता रहे हैं कि हेयर ट्रांसप्लांट के क्या क्या साइड इफेक्ट्स होते हैं। 

हेयर ट्रांसप्लांट के नुकसान 
हेयर ट्रांसप्लांट के शुरुआती दिनों में सूजन, लालिमा, हल्का दर्द, संवेदनशीलता और असहजता होना आम है। जहां ग्राफ्ट लगाए जाते हैं, वहां छोटे-छोटे स्कैब यानी पपड़ी भी बन सकती है। आमतौर पर ये लक्षण स्कैल्प के ठीक होने के साथ कम हो जाते हैं। कुछ मरीजों को खुजली भी हो सकती है, लेकिन शुरुआती दिनों में स्कैल्प को खुजलाने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे नए लगाए गए ग्राफ्ट प्रभावित हो सकते हैं।

वहीं एक दूसरी समस्या शॉक लॉस है। इसमें ट्रांसप्लांट किए गए हिस्से के आसपास मौजूद कुछ बाल प्रक्रिया के बाद झड़ सकते हैं। यह मरीज के लिए चिंता का कारण हो सकता है, लेकिन अक्सर यह अस्थायी होता है और बालों के फॉलिकल्स के ठीक होने के बाद दोबारा बाल आ सकते हैं। इंफेक्शन, फॉलिकुलाइटिस या सूजन का भी जोखिम रहता है, हालांकि स्वच्छता और सही प्रक्रिया अपनाए जाने पर ये खतरा कम हो जाता है। कुछ मरीजों को स्कैल्प में कुछ समय के लिए सुन्नपन या संवेदनशीलता में बदलाव महसूस हो सकता है, क्योंकि प्रक्रिया के दौरान छोटी नसें प्रभावित हो सकती हैं। आमतौर पर समय के साथ यह ठीक हो जाता है।

इस बात का रखें ध्यान
मरीजों को यह भी समझना चाहिए कि हेयर ट्रांसप्लांट बालों के झड़ने की मूल समस्या को पूरी तरह नहीं रोकता। ट्रांसप्लांट के अलावा मौजूद नेचुरल बाल समय के साथ पतले हो सकते हैं। बाल झड़ने के कारण के आधार पर डर्मेटोलॉजिस्ट मौजूदा बालों को बनाए रखने के लिए दवाओं या अन्य उपचारों की सलाह दे सकते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हर व्यक्ति को हेयर फॉल के लिए हेयर ट्रांसप्लांट की जरूरत नहीं होती। बाल झड़ने का कारण पोषण संबंधी कमी, हार्मोनल बदलाव, थायरॉइड की समस्या, तनाव, स्कैल्प की बीमारी या अन्य मेडिकल कारण भी हो सकते हैं। ट्रांसप्लांट पर विचार करने से पहले इन कारणों की जांच करना जरूरी है। सही मरीज में हेयर ट्रांसप्लांट लंबे समय तक अच्छे परिणाम दे सकता है, लेकिन इसे केवल एक कॉस्मेटिक प्रक्रिया के बजाय एक मेडिकल प्रक्रिया के रूप में देखा जाना चाहिए। 

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