14 मार्च सुबह 11 बजकर 54 मिनट पर सूर्यदेव मीन राशि में प्रवेश करेंगे और 13 अप्रैल की शाम 8 बजकर 23 मिनट तक सूर्यदेव यहीं पर रहेंगे। यानि इस दिन सूर्य की मीन संक्रांति है। भारतीय ज्योतिष में सूर्यदेव को आत्मा का कारक और सकारात्मकता का प्रतीक माना गया है। यह भचक्र की पांचवीं राशि सिंह के स्वामी है। इनकी दिशा पूर्व है और जाति क्षत्रिय है। सूर्य पिता का प्रतिधिनित्व करते है और शरीर में पेट आंख ह्रदय चेहरा का प्रतिधिनित्व करते है।
सूर्य अगर मजबूत हो तो हमें मान-सम्मान, सुख-समृद्धि मिलती है पिता का संग और सहयोग मिलता है। वहीं मीन राशि की बात करे तो इसका स्वामी गुरु यानि बृहस्पति है और इसका तत्व जल है। यह एक स्त्री राशि है जिसका प्रतीक चिन्ह दो मछलियों को माना जाता है। इस राशि के जातकों में करुणा की भावना होती है, स्वयं बढ़कर भले ही सहायता न करें, लेकिन पुकारे जाने पर पूरी तरह सहायता के लिए तत्पर हो उठते हैं। ये दार्शनिक होते हैं, रोमांटिक जीवन जीते हैं, साहस के साथ स्पष्ट बोलने वाले और विचारशील होते हैं।
आचार्य इंदु प्रकाश के अनुसार सूर्यदेव के इस गोचर से 13 अप्रैल तक विभिन्न राशि वाले लोगों पर क्या असर होगा, सूर्यदेव ने आपके जन्मपत्रिका के किस स्थान पर गोचर किया है और उस स्थिति में शुभ फल सुनिश्चित करने के लिये और अशुभ फलों से बचने के लिये आपको क्या उपाय करने चाहिए।
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मेष राशि
सूर्य आपके बारहवें घर में प्रवेश करेंगे। बरहवां घर शैय्या सुख से संबंधं रख्ता है। लिहाजा सूर्य के इस गोचर से आपको शैय्या सुख मिलेगा। आपका गृहस्थ जीवन सुखी होगा और धर्म में आपकी रुचि बढ़ेगी। लेकिन साथ ही आपके किसी न किसी कार्य में पैसे खर्च होते रहेंगे। दस्तकारी या मशीन संबंधी कार्य करने वालों को इस दौरान ज्यादा संभलकर पैसा खर्च करने की जरूरत है। सूर्य के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिये और अशुभ फलों से बचने के लिये धार्मिक कार्यों में आर्थिक या शारीरिक रूप से अपना सहयोग देते रहें।
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वृष राशि
सूर्य आपके ग्यारहवें घर में गोचर करेंगे जो की आय और कामना पूर्ति का होता है। सूर्य के इस गोचर से आपकी आमदनी में बढ़ोतरी होगी। साथ ही आपकी इच्छाओं की पूर्ति होगी और आपको उत्तम फलों की प्राप्ति होगी। अतः सूर्य के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिये रविवार की रात को अपने सिरहाने पर 2 मूली रखकर सोएं और सुबह उठकर किसी मन्दिर या धर्मस्थल पर भेंट कर दें।
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