इस वर्ष के महामस्तकाभिषेक का उद्घाटन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद करेंगे जो 7 फरवरी को यहां आने वाले हैं। 8 फरवरी से लेकर 16 फरवरी तक पंचकल्याण प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा और 17 फरवरी से लेकर 25 फरवरी तक भगवान गोमटेश्वर बाहुबली का भव्य रूप से महामस्तकाभिषेक किया जाएगा।
26 फरवरी को इस आयोजन का समापन किया जाएगा। समारोह में वैसे अभिषेक की सुविधा अगस्त तक श्रद्धालुओं को मिलती रहेगी। समारोह में देश की अनेक बड़ी राजनीतिक हस्तियां और विशिष्ट जन भी हिस्सा लेंगे।
सूत्रों के अनुसार, इस महाकुंभ में भीड़ नियंत्रण के लिए और व्यवस्था बनाने के लिए 7,000 सुरक्षाकर्मी व आतंकवाद-रोधी दस्ते के साथ ही आपदा प्रबंधन बल के जवान मौजूद रहेंगे। सभी जगहों पर सीसीटीवी कैमरों का उपयोग किया गया है, जिससे हर जगहों की जानकारी प्राप्त होती रहेगी।
यह प्रतिमा विंध्यगिरि पर्वत को काटकर बनाई गई है। इसका निर्माण वर्ष 981 में हुआ था। उस समय कर्नाटक में गंगवंश का शासन था, गंग के सेनापति चामुंडराय ने इसका निर्माण कराया था। विंध्यगिरि के सामने है चंद्रगिरि पर्वत। ऐसा माना जाता है कि चंद्रगिरि का नाम मगध में मौर्य वंश के संस्थापक चंद्रगुप्त मौर्य के नाम पर पड़ा है।
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