नवी मुंबई के तलोजा फेज-2 के शिवाजी चौक इलाके में लिफ्ट मेंटेनेंस के ठेके और पुराने आर्थिक लेन-देन को लेकर हुए विवाद में फायरिंग की घटना सामने आई है। आरोप है कि हमलावरों ने पहले लोहे की रॉड और लकड़ी के डंडों से तीन लोगों की पिटाई की और फिर पिस्तौल से गोलियां चलाईं। इस घटना में विशाल शिंदे और सचिन डांगे गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों का कामोठे स्थित MGM अस्पताल में इलाज चल रहा है।
ठेके और पुराने आर्थिक लेन-देन को लेकर विवाद
पुलिस के मुताबिक, संबंधित लोग पहले साझेदारी में लिफ्ट मेंटेनेंस के ठेके लिया करते थे। हालांकि, पुराने आर्थिक लेन-देन को लेकर मतभेद होने के बाद वे अलग हो गए थे। इसके बाद लिफ्ट मेंटेनेंस के ठेके हासिल करने को लेकर उनके बीच विवाद चल रहा था।
शुक्रवार आधी रात को हुई वारदात
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार की आधी रात विशाल शिंदे, सचिन डांगे और सौरभ डुंबरे तलोजा फेज-2 के शिवाजी चौक स्थित मारवा बिल्डिंग के नीचे खड़े थे। इसी दौरान लिफ्ट मेंटेनेंस का ठेका हासिल करने और पुरानी साझेदारी के आर्थिक लेन-देन को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया।
आरोप है कि विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने तीनों के साथ लोहे की रॉड और लकड़ी के डंडों से मारपीट की। इसके बाद पिस्तौल से फायरिंग की गई, जिसमें विशाल शिंदे और सचिन डांगे गंभीर रूप से घायल हो गए।
5 नामजद आरोपियों समेत 8 लोगों के खिलाफ मामला
इस मामले में तलोजा पुलिस ने सागर डांगे, आकाश डांगे, गणेश लावरे, अनिकेत नरवाडे और रुद्र बारवकर समेत तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है। मामले की आगे की जांच जारी है।
किस हथियार का हुआ इस्तेमाल?
पुलिस ने पांच नामजद आरोपियों और तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। अब जांच में यह पता लगाना अहम होगा कि फायरिंग में किस हथियार का इस्तेमाल किया गया, वारदात में कौन-कौन शामिल था और क्या हमला पहले से बनाई गई योजना के तहत किया गया था। फिलहाल, घटना के पीछे ठेकेदारी और पुराने आर्थिक लेन-देन का विवाद मुख्य वजह बताया जा रहा है।
ये भी पढ़ें:
FSSAI के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंची महाराष्ट्र सरकार, केंद्र की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल