महाराष्ट्र में आज यानी गुरुवार को वंचित बहुजन आघाड़ी (VBA) ने छात्रों के मुद्दे पर महाराष्ट्र बंद का आह्वान किया है। बंद सुबह 9 बजे के बाद शुरू होने की बात कही गई है। हालांकि, वंचित बहुजन आघाड़ी का आरोप है कि पुलिस ने उनके कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को पहले ही नोटिस भेज दिए हैं। पार्टी का कहना है कि कई पदाधिकारियों के घरों के बाहर पुलिस तैनात कर दी गई है और उन्हें घर से बाहर निकलने नहीं दिया जा रहा है।
कहां-कहां हो सकता है बंद का असर?
प्रकाश अंबेडकर सुबह दादर में उनके निवास राजगृह पर मीडिया से बंद को लेकर बात करेंगे। वंचित बहुजन आघाड़ी का प्रभाव मुख्य रूप से मुंबई के चेंबूर, घाटकोपर और धारावी जैसे इलाकों में माना जाता है, जहां दलित आबादी अधिक है। इसके अलावा संभाजीनगर, अकोला और नागपुर के कुछ हिस्सों में भी बंद का असर देखने को मिल सकता है। इस बंद को विपक्ष ने मौखिक समर्थन दिया है, पर जमीनी स्तर पर उनके कार्यकर्ता शामिल होंगे या नहीं, यह भरोसा नहीं दिया है, इसलिए इसका ज्यादा असर देखने नहीं मिल सकता है।
नीट पेपर लीक को लेकर महाराष्ट्र के मुंबई और नागपुर में विरोध प्रदर्शन चल रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं पर दिल्ली में पुलिस द्वारा किए गए बर्ताव के खिलाफ महाराष्ट्र में बंद का ऐलान किया गया है। इसे लेकर नागपुर के संविधान चौक पर पुलिस ने छावनी के रूप में तब्दील कर दिया है। वंचित बहुजन के कार्यकर्ता संविधान चौक पर एकत्र होने वाले हैं।
एसीपी सुनील सिंह पवार ने बताया, "सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ज्यादा से ज्यादा पुलिस स्टाफ को सड़कों पर तैनात किया गया है। स्थानीय पुलिस के अलावा एसआरपीएफ (SRPF) और आरसीबी (RCB) की टुकड़ियों को भी बुलाया गया है। बाजारों और प्रमुख स्थानों पर फिक्स पॉइंट्स बनाए गए हैं और पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। हमारी पूरी कोशिश है कि कोई भी अप्रिय घटना न हो और शांति व्यवस्था बनी रहे।"
बीती रात संविधान चौक पर क्या हुआ?
कल शाम लगभग 4:30 बजे से कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ता संविधान चौक पर जुटना शुरू हुए थे। देखते ही देखते वहां लगभग 1,000 से 1,200 कार्यकर्ताओं की भीड़ जमा हो गई। जैसे-जैसे रात ढलती गई, अधिकांश कार्यकर्ता अपने घरों की ओर लौटने लगे। हालांकि, करीब 60 से 70 कार्यकर्ता वहां डटे रहे और जाने से साफ इंकार कर दिया। प्रदर्शनकारियों की जिद थी कि जब तक कोई वरिष्ठ मंत्री आकर उनका निवेदन स्वीकार नहीं करता, वे जगह नहीं छोड़ेंगे। स्थिति को देखते हुए रात लगभग 11:30 बजे पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। डटे हुए कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर संविधान चौक को पूरी तरह से खाली करा लिया गया।
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