NEET पेपर लीक को लेकर महाराष्ट्र के मुंबई में भी विरोध प्रदर्शन हो रहा है। इसे लेकर मुंबई पुलिस ने बिना अनुमति विरोध-प्रदर्शन करने, गैर-कानूनी तरीके से भीड़ जुटाने और सरकारी आदेशों का उल्लंघन करने के आरोप में पिछले 5 दिनों यानी 18 जुलाई से 22 जुलाई के बीच 13 FIR दर्ज की हैं। इन मामलों में करीब 400 लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई शहर के अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में की गई है। नामजद आरोपियों को नोटिस थमाकर जाने दिया गया।
मुंबई में यह विरोध-प्रदर्शन नई दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में हो रहे हैं। छात्र मुख्य रूप से परीक्षाओं में गड़बड़ी और पेपर लीक के खिलाफ शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं।
बिना इजाजत विरोध प्रदर्शन के मामले
एक अधिकारी ने बताया कि शिवाजी पार्क, चैत्यभूमि, चेंबूर और शिवसेना भवन समेत कई जगहों पर प्रदर्शन किए गए, लेकिन इसके लिए कोई इजाजत नहीं ली गई थी। 19 जुलाई को, शिवसेना-UBT के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने शिवाजी पार्क में आयोजित एक सभा को संबोधित किया। यह सभा दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल ले जाए जाने के विरोध में बुलाई गई थी।
अधिकारी ने बताया कि मुंबई पुलिस ने सोमवार को दादर के चैत्यभूमि में बिना इजाजत किए गए विरोध प्रदर्शन के मामले में भी कार्रवाई शुरू कर दी है और FIR दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि सभी 13 मामलों में आरोपियों पर सरकारी कर्मचारी के आदेश का पालन न करने, गलत तरीके से रोकना और गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा होने जैसे आरोप लगाए गए हैं।
कई लोगों को हिरासत में लिया गया
बुधवार को मुंबई में कई जगहों पर परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ CJP के विरोध प्रदर्शन के समर्थन में प्रदर्शन किए गए, जिसके चलते कई लोगों को हिरासत में लिया गया।
पुलिस के मुताबिक, चेंबूर के डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर गार्डन में भारी पुलिस तैनाती के बीच सैकड़ों प्रदर्शनकारी जमा हुए। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और उनमें से कुछ को घसीटकर पुलिस की गाड़ियों में डालकर स्थानीय पुलिस स्टेशन ले गई।
चेंबूर में प्रदर्शनकारी ऐसे प्लेकार्ड लिए हुए थे, जिनमें शिक्षा व्यवस्था में सुधार और कथित पेपर लीक मामले में कार्रवाई की मांग की जा रही थी। कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के बाद, पुलिस ने प्रदर्शन स्थल से बाकी भीड़ को हटा दिया।
दादर में शिवसेना भवन के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हुए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे लगाए। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस ने सभी प्रदर्शन स्थलों पर भारी तैनाती बनाए रखी।
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