मुंबई पुलिस की एंटी नारकोटिक्स सेल (ANC) ने ड्रग्स तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बांद्रा रेलवे स्टेशन से एक आरोपी को 10 किलो 10 ग्राम चरस के साथ गिरफ्तार किया है। बरामद चरस की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 10.10 करोड़ रुपये बताई जा रही है। एंटी नारकोटिक्स सेल की DCP पूर्णिमा चौगुले शृंगी के मुताबिक, वर्ली ANC को सूचना मिली थी कि बिहार का रहने वाला एक व्यक्ति ट्रेन के जरिए ड्रग्स की खेप लेकर मुंबई पहुंचने वाला है। सूचना के आधार पर पुलिस ने बांद्रा रेलवे स्टेशन पर निगरानी बढ़ाई।
मोतिहारी से बांद्रा पहुंचा था आरोपी
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की उम्र 31 साल है और वह ऑटो ड्राइवर है। आरोपी बिहार के मोतिहारी स्टेशन से ट्रेन में सवार हुआ था और बांद्रा पहुंचा। पुलिस से बचने और भीड़ में आसानी से घुलने-मिलने के लिए उसने ट्रेन के जनरल डिब्बे में सफर किया। बांद्रा स्टेशन पर पहुंचते ही पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर उसके बैग की तलाशी ली। तलाशी के दौरान बैग से 10 किलो 10 ग्राम चरस बरामद हुई। आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन भी मिला है।
ड्रग्स कैरियर के तौर पर काम कर रहा था आरोपी
जांच में सामने आया है कि आरोपी ड्रग्स कैरियर के तौर पर काम कर रहा था। उसका काम ड्रग्स की खेप मुंबई लाकर किसी दूसरे व्यक्ति को सौंपना और फिर वापस लौट जाना था। अब एंटी नारकोटिक्स सेल यह पता लगाने में जुटी है कि चरस की यह खेप कहां से आई थी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि चरस की खेती देश के किसी हिस्से में हुई थी या फिर इसे नेपाल अथवा किसी अन्य देश से मुंबई लाया गया था। इसके अलावा खेप मुंबई में किसे सौंपी जानी थी और पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी भी जांच की जा रही है। आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उसे 21 अगस्त तक पुलिस हिरासत (PC) में भेज दिया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। बता दें कि इससे पहले एंटी-नारकोटिक्स सेल ने ड्रग्स के मामले में अग्रिपाड़ा समेत 13 ठिकानों पर की ताबड़तोड़ रेड की थी।
‘ड्रग्स फ्री मुंबई’ अभियान के तहत बड़ा अभियान
मुंबई में ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई को महाराष्ट्र सरकार के व्यापक ‘ड्रग्स फ्री मुंबई’ अभियान से भी जोड़कर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 30 जुलाई को मुंबई में इस अभियान की शुरुआत करते हुए अगले 2 से 4 वर्षों में मुंबई को ड्रग्स मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। अभियान में ड्रग्स की सप्लाई रोकने के साथ-साथ नशे के आदी युवाओं के पुनर्वास और उन्हें मुख्यधारा में वापस लाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
राज्य सरकार ड्रग्स के खिलाफ ‘Whole of Government’ मॉडल के तहत 15 विभागों को साथ लेकर काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने ड्रग्स से जुड़े मामलों में पुलिसकर्मियों की भूमिका पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की बात भी कही है। सरकार ने स्कूल स्तर पर भी नशे के खिलाफ अभियान तेज करने का फैसला किया है। स्कूलों में एंटी-ड्रग गाइडेंस और काउंसलिंग कमेटियां बनाने तथा ‘Drug-Free School’ अभियान चलाने की घोषणा की गई है।
पान टपरी और अवैध ढांचों पर भी कार्रवाई
इसी अभियान के तहत मुंबई में अवैध गतिविधियों से जुड़े ठिकानों पर भी कार्रवाई तेज की गई है। हाल की कार्रवाई में 1,497 अवैध ढांचों और पान टपरियों के खिलाफ कार्रवाई/निष्कासन अभियान चलाए जाने की जानकारी सामने आई है। यह कार्रवाई सार्वजनिक जगहों पर अवैध कब्जे और ऐसी जगहों पर होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगाने के अभियान का हिस्सा बताई गई है। मुंबई पुलिस की ओर से जुलाई में भी एंटी-नारकोटिक्स सेल की कई कार्रवाई दर्ज की गई हैं, जिससे साफ है कि शहर में ड्रग्स के खिलाफ अभियान को लगातार तेज किया जा रहा है।
ये भी पढ़ें- नामी कॉलेजों में एडमिशन के नाम पर देशभर में ठगी का खेल, पुणे के दो फर्जी कॉल सेंटर पर छापा, 10 इंजीनियर गिरफ्तार
पैसे की तंगी ने कराई भाई से भाई की फिरौती की मांग, खुद का अपहरण का VIDEO भेजकर मांगे 5 लाख