पैसों की तंगी और काम न मिलने से परेशान होकर एक युवक ने खुद ही अपने अपहरण की झूठी साजिश रच डाली। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले का रहने वाला 19 वर्षीय ओम प्रकाश गौरीशंकर पुणे में रहता था। उसने परिजनों से पांच लाख रुपये की फिरौती ऐंठने के लिए अपना खुद का रोता हुआ वीडियो बनाकर भेजा था, जिसे देखकर परिवार के होश उड़ गए। हालांकि, सतर्क परिवार की सूझबूझ और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से इस फर्जी अपहरण का जल्द ही पर्दाफाश हो गया और युवक पुणे के एक लॉज से सकुशल बरामद कर लिया गया।
आरोपी ओम प्रकाश गौरीशंकर मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के बबेरू तालुका अंतर्गत जललपुर गांव का रहने वाला है। वह कुछ समय से पुणे में रह रहा था, लेकिन काम न मिलने के कारण वह गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा था। घर से बार-बार पैसे मांगने के बाद भी जब जरूरतें पूरी नहीं हुईं, तो उसने खुद के अपहरण का नाटक करने की योजना बनाई।
परिवार को भेजा रोते हुए वीडियो
परिजनों को अपनी बात पर विश्वास दिलाने के लिए उसने खुद का एक रोते हुए वीडियो बनाया और उत्तर प्रदेश में रह रहे अपने बड़े भाई को भेज दिया। वीडियो में उसने अपनी रिहाई के एवज में पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी। बेटे के अपहरण की खौफनाक खबर सुनकर परिवार घबरा गया, लेकिन उन्होंने घबराहट में फिरौती की रकम देने के बजाय तुरंत उत्तर प्रदेश पुलिस से संपर्क कर मामले की शिकायत की।
शाहजहांपुर पुलिस ने तुरंत मामले की गंभीरता को समझते हुए पुणे पुलिस से संपर्क किया और युवक का मोबाइल नंबर साझा किया। पुणे पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर उसकी तलाश शुरू की। 17 अगस्त की रात पुलिस ने शहर के कई इलाकों में सघन तलाशी अभियान चलाया। खड़की इलाके में मोबाइल की आखिरी लोकेशन मिलने के बाद बंडगार्डन पुलिस ने क्राउन प्लाजा लॉजिंग पर छापा मारा। पुलिस को वहां कोई अपहरणकर्ता तो नहीं मिला, बल्कि खुद ओम प्रकाश आराम से बैठा हुआ पाया गया।
पूछताछ में हुआ खुलासा
पुलिस हिरासत में कड़ाई से पूछताछ करने पर ओम प्रकाश ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने स्वीकार किया कि उसने आर्थिक तंगी से उबरने और आसानी से पैसे हासिल करने के लिए यह झूठा नाटक रचा था। फिलहाल, पुणे पुलिस ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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