भारत ने पाकिस्तान द्वारा सीमा पार से अवैध घुसपैठ में 'लगातार मदद' किए जाने को लेकर कड़ा विरोध दर्ज किया है। भारत ने शनिवार को पाकिस्तानी उच्चायोग के प्रभारी साद वराइच को तलब किया है। भारत ने पाकिस्तान द्वारा इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के प्रभारी को तलब किए जाने के कुछ घंटे बाद यह कदम उठाया। पाकिस्तान ने भारत के प्रभारी राजदूत को तलब कर भारत के सीमा सुरक्षा बल (BSF) की कार्रवाई में दो लोगों के मारे जाने को लेकर "कड़ा विरोध" दर्ज कराया और दावा किया कि वे ''आम नागरिक'' थे।
दो संदिग्ध पाकिस्तानी घुसपैठ मारे गए
अधिकारियों ने बताया था कि बीएसएफ के जवानों ने शुक्रवार को पंजाब के तरनतारन जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर दो संदिग्ध पाकिस्तानी घुसपैठियों को मार गिराया था। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा सीमा पार से अवैध घुसपैठ में लगातार मदद किए जाने को लेकर भारत का कड़ा विरोध दर्ज कराने के लिए पाकिस्तान उच्चायोग के प्रभारी को तलब किया गया।
मंत्रालय ने कहा, 'भारत ने दो अक्टूबर को पंजाब के फिरोजपुर सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हुई एक घटना को लेकर लगाए गए निराधार और दुर्भावनापूर्ण आरोपों को भी स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया।'
तीन लोग भारतीय सीमा में घुसे थे
विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तानी पक्ष को बताया गया कि तीन लोग भारतीय क्षेत्र में घुस आए थे और बीएसएफ द्वारा पाकिस्तान लौटने की कई बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद वे सीमा पर लगी बाड़ की ओर बढ़ते रहे। मंत्रालय ने कहा, 'उनसे तत्काल सुरक्षा खतरा उत्पन्न होने के कारण बीएसएफ को उनके खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ी। यह घटना पाकिस्तान से सक्रिय हथियारबंद मादक पदार्थ तस्कर गिरोहों द्वारा बार-बार सीमा पार किए जाने के स्पष्ट तौर-तरीके को दर्शाती है।'
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, 'पाकिस्तान सरकार से सीमा पार घुसपैठ, मादक पदार्थों की तस्करी की इन गतिविधियों और इनमें पाकिस्तान के सीमा सुरक्षा बलों की मिलीभगत की जांच करने तथा उचित सुधारात्मक कदम उठाने को कहा गया।'
पाकिस्तान को ठोस कदम उठाने को कहा गया
मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान से ''अंतरराष्ट्रीय सीमा की शुचिता का सम्मान करने, संबंधित द्विपक्षीय व्यवस्थाओं का कड़ाई से पालन करने, अपने सुरक्षा बलों को अपनी ओर से अनधिकृत आवाजाही रोकने के लिए प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने का निर्देश देने और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने'' को भी कहा गया।
(भाषा के इनपुट के साथ)
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