महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में पटाखों की बिक्री और सार्वजनिक स्थानों पर रखने पर पुलिस की सख्ती शुरू हो गई है। पुलिस उपायुक्त (ऑपरेशंस) एवं कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने बिना पुलिस लाइसेंस के पटाखे बेचने, रखने, प्रदर्शित करने और बिक्री के उद्देश्य से ले जाने पर रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया है। वहीं, इस नियम का उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की भी बात कही गई है।
क्या है प्रशासन का आदेश?
आपको बता दें कि मुंबई पुलिस ने दीपावली और आगामी त्योहारों के मद्देनजर मुंबई पुलिस ने पटाखों और आतिशबाजी को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। मुंबई पुलिस आयुक्तालय के अंतर्गत बृहन्मुंबई क्षेत्र में सार्वजनिक स्थानों पर बिना वैध लाइसेंस के पटाखों की बिक्री, भंडारण, प्रदर्शन और बिक्री के उद्देश्य से परिवहन करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। मुंबई पुलिस के पुलिस उपायुक्त (ऑपरेशंस) एवं कार्यकारी मजिस्ट्रेट अकबर पठान ने महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम, 1951 की धारा 33 की उपधारा (1) के खंड (एच) तथा धारा 10 की उपधारा (2) के तहत प्राप्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए यह आदेश जारी किया है।
क्या नियम लगाए गए?
- बृहन्मुंबई की सीमा के भीतर किसी भी सार्वजनिक स्थान पर, कोई भी व्यक्ति पुलिस आयुक्त या राज्य सरकार द्वारा लाइसेंस देने के लिए अधिकृत पुलिस अधिकारी से प्राप्त लाइसेंस के बिना, किसी भी प्रकार के पटाखे या आतिशबाजी न तो बेचेगा, न अपने पास रखेगा, न पेश करेगा, न प्रदर्शित करेगा, न साथ ले जाएगा और न ही बिक्री के लिए रखेगा।
- यह आदेश 03 नवंबर, 2026 से 02 दिसंबर, 2026 तक (दोनों दिन शामिल) लागू रहेगा। 'आतिशबाजी' (fireworks) का अर्थ है 'विस्फोटक नियम, 1983' के खंड 7 में बताए गए विस्फोटक।
- इस आदेश को बृहन्मुंबई में प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर इसकी प्रतियां लगाकर और लाउडस्पीकर/मेगाफोन के माध्यम से घोषणा करके प्रचारित करने को कहा गया है। आदेश 02 नवंबर, 2026 को जारी किया गया है।
आपको बता दें कि इससे पहले बॉम्बे हाई कोर्ट ने बड़ा आदेश जारी करते हुए दिवाली और अन्य त्योहारों के दौरान ध्वनि एवं वायु प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए पूरे महाराष्ट्र में सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर पटाखे फोड़ने पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। कोर्ट ने प्रशासन को निर्देश दिया है कि कोर्ट के आदेश को सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी होगी।
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