A
  1. Hindi News
  2. महाराष्ट्र
  3. 'दोबारा NEET देने की हिम्मत नहीं', पेपर लीक से आहत आकांक्षा ने लगाई फांसी; सुसाइड नोट पढ़कर रो पड़े माता-पिता

'दोबारा NEET देने की हिम्मत नहीं', पेपर लीक से आहत आकांक्षा ने लगाई फांसी; सुसाइड नोट पढ़कर रो पड़े माता-पिता

नागपुर में NEET की तैयारी कर रही एमपी के मऊगंज के मगनिया गांव की रहने वाली छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी ने कमरे में लगे पंखे पर फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। पेपर लीक की खबर आते ही आकांक्षा गहरे सदमे और डिप्रेशन में चली गई थी।

neet paper leak student suicide- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT आकांक्षा चतुर्वेदी की फाइल फोटो, दूसरी तस्वीर सुसाइड नोट की है।

NEET परीक्षा में हुई धांधली और पेपर लीक के काले साए ने देश के एक और होनहार भविष्य को हमसे छीन लिया है। नागपुर में नीट की तैयारी कर रही मध्य प्रदेश के मऊगंज की रहने वाली छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। कांक्षा ने NEET परीक्षा में सफलता का भरोसा जताया था लेकिन पेपर लीक की खबर से इतना टूट गई कि उसने अपना जीवन समाप्त कर लिया।

कुक का काम करते थे पिता

आकांक्षा का कसूर सिर्फ इतना था कि वह एक गरीब किसान की बेटी थी, जिसके पिता नागपुर में कुक का काम करके उसे डॉक्टर बनाने का सपना देख रहे थे। पेपर अच्छा गया था, लेकिन जैसे ही पेपर लीक की खबर आई, सिस्टम की इस धांधली ने उस बच्ची को डिप्रेशन में धकेल दिया। उसने अपने सुसाइड नोट में जो लिखा है, वो इस देश के परीक्षा तंत्र के मुंह पर एक करारा तमाचा है।

'फिजिक्स वाला' से नीट की तैयारी कर रही थी आकांक्षा

नागपुर में रहकर 'फिजिक्स वाला' से नीट की तैयारी कर रही आकांक्षा चतुर्वेदी अब इस दुनिया में नहीं है। बीते 20 मई 2026 को आकांक्षा ने अपने ही कमरे में पंखे से फंदे पर लटककर अपनी जान दे दी। मूल रूप से मऊगंज जिले के मगनिया गांव का यह गरीब परिवार पिछले कुछ समय से नागपुर में रह रहा था। पिता कृष्ण कुमार चौबे पेशे से किसान हैं, लेकिन बच्चों के भविष्य के लिए नागपुर में खाना बनाने (कुक) का काम करते थे।

Image Source : reporter inputआकांक्षा की फाइल फोटो।

पेरेंट्स ने क्या बताया?

पेरेंट्स के मुताबिक, आकांक्षा ने जब नीट का पेपर दिया तो वह बेहद खुश थी। उसे भरोसा था कि इस बार उसका चयन हो जाएगा और वह डॉक्टर बन जाएगी। लेकिन जैसे ही नीट पेपर लीक की खबर देश के सामने आई, आकांक्षा गहरे सदमे और डिप्रेशन में चली गई। उसने खाना-पीना छोड़ दिया और आखिरकार मौत का रास्ता चुन लिया। आकांक्षा के पीछे छूटे सुसाइड नोट ने सिस्टम के भ्रष्टाचार को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है।

सुसाइड नोट में छात्रा का अंतिम संदेश

सुसाइड नोट के अंश: "मम्मी-पापा आपको भरोसा था कि मेरी बेटी पढ़ लेगी और डॉक्टर बनेगी, पर दोबारा नीट का पेपर देने की हिम्मत नहीं है मेरे अंदर। पहले नीट के पेपर में अच्छे मार्क्स आ रहे थे मेरे, लेकिन अब दोबारा पेपर अच्छा आए इसकी कोई गारंटी नहीं है। सॉरी मम्मी पापा, मैंने सब बर्बाद कर दिया आप दोनों का।"

पिता ने किसान क्रेडिट कार्ड से लिया था कर्ज

बेटी को पढ़ाने के लिए इस गरीब परिवार ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) से 3 लाख रुपए का कर्ज लिया था, साथ ही रिश्तेदारों से भी उधारी ली थी। इस दर्दनाक घटना के बाद अब विपक्ष भी सरकार को घेरने में जुट गया है। बीते शाम युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार से फोन पर उनकी बात कराई।

इस दुखद घटना के बाद अब सियासत भी गरमा गई है। नीट छात्रा के इस सुसाइड को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक ट्ववीट के जरिए सरकार पर निशाना साधा है।

Image Source : x- rahul gandhiराहुल गांधी का ट्वीट

NSUI नेता ने किया कर्ज चुकाने का वादा

एनएसयूआई (NSUI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़, पूर्व विधायक विपिन वानखेड़े और प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे सहित तमाम नेताओं ने आकांक्षा के घर पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाया। एनएसयूआई द्वारा पीड़ित परिवार को ढाई लाख रुपये की तत्काल आर्थिक मदद दी गई है, साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड के 3 लाख रुपये के कर्ज को भी चुकाने का वादा किया गया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने भी फोन पर बात कर हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।

(रिपोर्ट- अशोक मिश्रा)

यह भी पढ़ें-

'क्या गारंटी है कि नीट री-एग्जाम का पेपर लीक नहीं होगा?', अधिकारियों से पूछे गए सख्त सवाल

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मानी NTA की गलती, कहा- 'पेपर लीक करने वाले पापी, सभी को सजा दिलाएंगे'