महाराष्ट्र में चल रही SIR प्रक्रिया में खास संशोधन किया गया है। भारत निर्वाचन आयोग ने महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के कार्यक्रम में संशोधन किया है। नए कार्यक्रम के तहत अब संशोधित मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 16 नवंबर 2026 को किया जाएगा। इससे पहले अंतिम मतदाता सूची जारी करने की तारीख 4 नवंबर निर्धारित की गई थी।
आपत्तियां दाखिल करने की बढ़ाई गई अंतिम तारीख
निर्वाचन आयोग के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, मतदाता सूची के लिए अर्हता तिथि 1 अक्टूबर 2026 ही रहेगी। वहीं, मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, संशोधन कराने और अन्य संबंधित दावे एवं आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 सितंबर से बढ़ाकर 12 अक्टूबर 2026 कर दी गई है।
अंतिम मतदाता सूची 16 नवंबर को आएगी
आयोग के निर्देश के मुताबिक, नोटिस जारी करने के साथ-साथ दावों और आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया 31 अगस्त से 10 नवंबर 2026 तक जारी रहेगी। इसके बाद सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर अंतिम मतदाता सूची 16 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी।
दावे और आपत्तियां दाखिल करने का मिलेगा अतिरिक्त समय
कार्यक्रम में किए गए इस संशोधन से मतदाताओं को दावे और आपत्तियां दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। मतदाता सूची में अपना नाम, पता और अन्य विवरण जांचना जरूरी है, ताकि किसी भी त्रुटि को निर्धारित प्रक्रिया के तहत ठीक कराया जा सके।
SIR एक चुनाव आयोग की प्रक्रिया
बता दें कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) भारत निर्वाचन आयोग की एक प्रक्रिया है। इसके तहत मतदाता सूची की व्यापक जांच और सत्यापन किया जाता है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है, ताकि पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल रहें और अपात्र या दोहराव वाली प्रविष्टियों की पहचान की जा सके।
मतदाताओं के विवरण का किया जाता है सत्यापन
इस प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं के विवरण का सत्यापन किया जाता है। पात्र नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने, नाम या पते में सुधार कराने और गलत प्रविष्टियों को लेकर दावा या आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। निर्वाचन आयोग निर्धारित समयसीमा के भीतर इन दावों और आपत्तियों की जांच कर उनका निपटारा करता है।
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