पुणे: पुणे के पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका (PCMC) के मोशी कचरा डिपो परिसर में आज एक बड़ा हादसा हो गया है। यहां एक 3 मंजिला इमारत ढह गई। अचानक हुए इस हादसे से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। जिस वक्त यह हादसा हुआ उस वक्त इमारत में कई लोग मौजूद थे। इमारत के मलबे में करीब 15 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है।
राहत और बचाव का काम जारी
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन पूरे अमले के साथ घटनास्थल पर पहुंचा और राहत-बचाव का काम शुरू कर दिया। पुणे आपदा प्रबंधन विभाग और दमकल विभाग की टीमें भी मौके पर मौजूद हैं। राहत और बचाव का काम युद्धस्तर पर चल रहा है।
पिंपरी-चिंचवड़ के मेयर रवि लांडगे के अनुसार, जब स्लैब गिरा, तो बिल्डिंग के अंदर ऑफिस कर्मचारी लंच कर रहे थे। दो लोग खुद बाहर निकलने में कामयाब रहे, जबकि रेस्क्यू टीमें बाकी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के काम में जुटी रहीं। मेयर लांडगे ने बताया कि फंसे हुए सभी लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है और पुष्टि की कि किसी की मौत की खबर नहीं है।
महाराष्ट्र में भारी बारिश
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब महाराष्ट्र में मॉनसून की ज़बरदस्त बारिश हो रही है। पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में पिछले एक हफ़्ते से लगातार बारिश हो रही है, जिससे बाढ़ और जलभराव की स्थिति बन गई है और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है।
बाढ़ की आशंका वाले इलाकों से 6,000 से ज़्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है। वहीं, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा लगातार भारी बारिश की चेतावनी (ऑरेंज अलर्ट) जारी किए जाने के बाद पुणे के कुछ हिस्सों में स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। ज़िले में जुलाई के पहले हफ़्ते में ही औसत मासिक बारिश से ज़्यादा बारिश हो चुकी है।
पुणे में हुए हादसे
- 05 जुलाई, 2026 को कात्रज क्षेत्र के जांभुलवाड़ी रोड पर स्थित एक आवासीय सोसाइटी की कंपाउंड वॉल लगातार हो रही भारी बारिश के कारण पार्किंग शेड पर गिर गई। हालांकि इसमें कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन शेड के नीचे दबने से करीब 14 वाहन (7 कारें और 7 दोपहिया) बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
- फरवरी 2022 में यरवदा के शास्त्रीनगर इलाके में एक निर्माणाधीन मॉल की बेसमेंट में भारी भरकम लोहे की जाली (स्लैब के लिए बनाई गई कंक्रीट की जाली) ढह गई। इस दर्दनाक हादसे में साइट पर काम कर रहे 5 प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई थी और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे।
- जून 2019 पुणे के कोंढवा इलाके में लगातार हुई मूसलाधार बारिश के चलते एक आलीशान आवासीय सोसाइटी की 60 फीट ऊंची चारदीवारी बगल में बनी निर्माण मजदूरों की अस्थायी झुग्गियों पर जा गिरी। इस मलबे में दबकर 4 बच्चों समेत 15 निर्दोष मजदूरों की मौत हो गई थी।
- सितंबर 2016 में बालेवाड़ी इलाके में एक निर्माणाधीन 14 मंजिला रिहायशी इमारत ('प्राइड पर्पल') की सबसे ऊपरी मंजिल का कंक्रीट स्लैब ढलाई के दौरान अचानक ढह गया। इस हादसे में 9 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई थी। जांच में पाया गया कि बिल्डर बिना अनुमति के ऊपरी मंजिलों का निर्माण कर रहा था।
- सितंबर 2012 में पुणे ग्रामीण के तलेगांव दाभाड़े इलाके में एक निर्माणाधीन आवासीय परिसर की बहुमंजिला इमारत अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गई। इस हादसे में 6 निर्माण श्रमिकों की जान चली गई थी।
रिपोर्ट-समीर शेख, पुणे
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