1. Hindi News
  2. महाराष्ट्र
  3. अजित पवार की NCP में कलह! खतरे में सुनील तटकरे का प्रदेश अध्यक्ष पद, पार्टी के नेता ने ही चुनाव आयोग से की शिकायत

अजित पवार की NCP में कलह! खतरे में सुनील तटकरे का प्रदेश अध्यक्ष पद, पार्टी के नेता ने ही चुनाव आयोग से की शिकायत

एनसीपी (अजित पवार गुट) के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे का पद खतरे में है। एनसीपी के ही नेताओं के द्वारा उनके पद की चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग से शिकायत की गई है।

सुनील तटकरे।- India TV Hindi
Image Source : X/SUNILTATKARE सुनील तटकरे।

मुंबई: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के प्रदेशाध्यक्ष सुनील तटकरे की नियुक्ति को लेकर पार्टी के भीतर ही सवाल उठने लगे हैं। सुनील तटकरे की प्रदेशाध्यक्ष पद पर नियुक्ति पूरी तरह गैरकानूनी होने का आरोप लगाते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस के एक नेता ने केंद्रीय चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई है। इस शिकायत के बाद तटकरे के प्रदेशाध्यक्ष पद पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सुनील तटकरे को प्रदेशाध्यक्ष पद पर नियुक्त करते समय पार्टी के संविधान में निर्धारित प्रक्रिया का पूरी तरह पालन नहीं किया गया। पार्टी के संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया पूरी किए बिना ही तटकरे का चयन किया गया।

कार्यकाल पूरा होने से पहले ही हुआ चयन

शिकायत के मुताबिक, सुनील तटकरे को प्रदेशाध्यक्ष पद पर चुनते समय पार्टी की निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। प्रदेशाध्यक्ष पद का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही तटकरे को दोबारा इस पद के लिए चुन लिया गया। इसके चलते उनकी नियुक्ति की वैधता पर सवाल उठाए गए हैं। बताया गया है कि तटकरे के प्रदेशाध्यक्ष पद का तीन वर्ष का सामान्य कार्यकाल जुलाई 2026 में पूरा हो चुका है।  इसके बावजूद पार्टी की ओर से कोई संगठनात्मक चुनाव नहीं कराया गया और तटकरे अभी भी प्रदेशाध्यक्ष पद पर कार्यरत हैं।

शिकायत में क्या कहा गया है?

शिकायत में कहा गया है कि किसी भी पार्टी में प्रदेशाध्यक्ष का चुनाव संबंधित पार्टी की संगठनात्मक चुनाव प्रक्रिया के तहत होता है। राष्ट्रवादी कांग्रेस के संविधान के अनुसार पहले तालुकाध्यक्ष, जिलाध्यक्ष और विभागीय अध्यक्षों का चुनाव किया जाता है। इसके बाद इन सभी के समन्वय से प्रदेशाध्यक्ष का चुनाव किया जाता है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह पूरी प्रक्रिया पूरी किए बिना ही सुनील तटकरे का चयन कर लिया गया। इसलिए उनकी नियुक्ति को रद्द किया जाना चाहिए।

भाऊसाहेब दत्ताराव पाटिल गोरे नियुक्ति को बताया गैरकानूनी 

वहीं जालना जिले के परतूर विधानसभा क्षेत्र से एनसीपी अजीत पवार पार्टी के प्रमुख भाऊसाहेब दत्ताराव पाटिल गोरे ने कहा कि हमारी आपत्ति केवल एक ही है कि महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष का जो चुनाव हुआ है, वह चुनाव पूरी तरह से गैरकानूनी है। गैरकानूनी इसलिए है क्योंकि उनका कार्यकाल जुलाई महीने में, यानी पिछले महीने समाप्त हो गया था। दादा के निधन के बाद सुनेत्रा ताई को राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने के लिए फरवरी महीने में औरंगाबाद में विशेष अधिवेशन बुलाया गया था। उसी अधिवेशन में तटकरे ने खुद को प्रदेश अध्यक्ष चुन लिया।

दत्ताराव पाटिल गोरे ने कहा कि सुनील तटकरे ने अपने कार्यकाल की समाप्ति से करीब छह महीने पहले ही खुद का चुनाव कर लिया। उनका कार्यकाल जुलाई महीने में समाप्त होने वाला था, लेकिन उन्होंने फरवरी में ही खुद को प्रदेश अध्यक्ष चुन लिया। इस चुनाव के लिए न तो चुनाव कार्यक्रम घोषित किया गया, न उम्मीदवारी का आवेदन भरने की तारीख तय की गई, न उम्मीदवारी वापस लेने की तारीख घोषित की गई, न मतदान की तारीख तय की गई, न चुनाव अधिकारी की नियुक्ति की गई और न ही चुनाव परिणाम घोषित करने की कोई प्रक्रिया अपनाई गई। इन सभी चुनावी प्रक्रियाओं को पूरा किए बिना उन्होंने खुद को प्रदेश अध्यक्ष चुन लिया। इसलिए यह चुनाव पूरी तरह से गैरकानूनी है।

अब केंद्रीय चुनाव आयोग इस शिकायत पर क्या फैसला लेता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं। आयोग के फैसले के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि सुनील तटकरे राष्ट्रवादी कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष पद पर बने रहेंगे या नहीं।

यह भी पढ़ें-

झारखंड में मालगाड़ी के 11 कोच पटरी से उतरे, यातायात प्रभावित; मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम