महाराष्ट्र की राजनीति से एक और बड़ा अपडेट सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, उद्धव ठाकरे गुट के छह बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को अपने हस्ताक्षरयुक्त पत्र सौंप दिए हैं। इन सांसदों ने लोकसभा में एक अलग गुट के रूप में मान्यता देने की मांग की है। इसके साथ ही, बागी सांसदों ने संसद के भीतर अपनी अलग बैठने की व्यवस्था (सिटिंग अरेंजमेंट) किए जाने का भी अनुरोध किया है।
22 जून को हो सकता है विलय
सूत्रों के अनुसार, 22 जून को दिल्ली में इन सभी सांसदों की मौजूदगी की संभावना है, जहां वे शिंदे शिवसेना में विलय की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे। उसी दिन इन सांसदों का औपचारिक रूप से एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में प्रवेश या विलय कराया जा सकता है।
इससे पहले, इन बागी नेताओं ने बुधवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से अनौपचारिक मुलाकात की थी। उन्होंने लोकसभा में शिवसेना-UBT के कुल 9 सांसदों में से 6 के समर्थन का दावा किया था।
उद्धव गुट के 6 बागी सांसदों की सुरक्षा बढ़ी
वहीं, उद्धव ठाकरे गुट के जिन 6 सांसदों ने पाला बदला है, केंद्र सरकार के निर्देश पर उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। गृह मंत्रालय के आदेश के बाद महाराष्ट्र पुलिस को इन सभी सांसदों को तुरंत 'Y+' श्रेणी के बराबर सुरक्षा देने को कहा गया है। दूसरी तरफ, बगावत की खबरों से नाराज उद्धव गुट के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
खुफिया और पुलिस अधिकारियों को भेजे गए एक आधिकारिक मैसेज में कहा गया है कि मौजूदा हालात और संभावित खतरों को देखते हुए इन सांसदों की सुरक्षा मजबूत की जाए। जिला स्तर की सुरक्षा समितियों को जिम्मेदारी दी गई है कि वे स्थानीय स्थिति का अंदाजा लगाकर सुरक्षा के इंतजाम करें।
इन 6 सांसदों की बढ़ाई गई सुरक्षा
- संजय देशमुख (सांसद, यवतमाल)
- संजय जाधव (सांसद, परभणी)
- संजय दीना पाटिल (सांसद, मुंबई उत्तर-पूर्व)
- नागेश पाटिल अष्टिकार (सांसद, हिंगोली)
- ओमराजे निंबालकर (सांसद, धाराशिव)
- भाऊसाहेब वाघचौरे (सांसद, शिरडी)
पुलिस को खास तौर पर निर्देश दिया गया है कि जब भी ये सांसद अपने इलाके में जाएं या किसी पब्लिक प्रोग्राम में हिस्सा लें, तो पुलिस एक्स्ट्रा सावधानी बरते। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि कार्यकर्ताओं के गुस्से या विरोध प्रदर्शन के दौरान कोई अप्रिय घटना या झड़प न हो।
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