देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर गंभीर वायु प्रदूषण की चपेट में है। जहरीली हवा ने लोगों की सेहत पर खतरा बढ़ा दिया है, जिसके चलते सरकार को सख्त कदम उठाने पड़े हैं। बढ़ते प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली सरकार ने वाहनों की एंट्री को लेकर नए और कड़े नियम लागू कर दिए हैं। पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिरसा ने साफ कर दिया है कि 18 दिसंबर से दिल्ली में सिर्फ BS-VI मानक वाले वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
किन वाहनों पर लगा बैन?
नए आदेश के तहत दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड BS-III और BS-IV कैटेगरी के वाहनों की एंट्री पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इसका सीधा असर रोजाना दिल्ली आने-जाने वाले लाखों लोगों पर पड़ेगा। अनुमान है कि नोएडा से करीब 4 लाख, गुरुग्राम से 2 लाख और गाजियाबाद से लगभग 5.5 लाख वाहन रोजाना दिल्ली में प्रवेश करते हैं, जिनमें बड़ी संख्या पुराने डीजल और पेट्रोल वाहनों की है। 10 साल से पुराने डीजल और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों पर यह नियम पहले से लागू है।
आपकी गाड़ी BS-VI है या नहीं? ऐसे करें चेक
अगर आप जानना चाहते हैं कि आपकी कार को दिल्ली में एंट्री मिलेगी या नहीं, तो इसके लिए ज्यादा मशक्कत की जरूरत नहीं है। सबसे पहले अपने वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) देखें। अगर आपकी गाड़ी अप्रैल 2020 या उसके बाद बनी और रजिस्टर हुई है, तो वह BS-VI मानक पर खरी उतरती है। इसके अलावा, RC में फ्यूल टाइप और एमिशन स्टैंडर्ड की जानकारी भी दर्ज होती है। ऑनलाइन भी परिवहन विभाग की वेबसाइट या mParivahan ऐप के जरिए यह जानकारी चेक की जा सकती है।
किन वाहनों को मिलेगी राहत?
सरकार ने कुछ वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट दी है। BS-VI मानक वाले वाहन, CNG, LNG, इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड इलेक्ट्रिक वाहन दिल्ली में प्रवेश कर सकेंगे। इसके अलावा, BS-IV मानक वाले डीजल वाहन भी फिलहाल अनुमति के दायरे में रखे गए हैं। जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहन जैसे एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन सेवाओं पर भी रोक नहीं होगी।
नियम तोड़े तो कितना जुर्माना?
नियमों का उल्लंघन करने वालों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत 20,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। बार-बार नियम तोड़ने पर वाहन जब्त भी किया जा सकता है। हाल के दिनों में लाखों वाहनों का चालान किया जा चुका है, जिससे साफ है कि सरकार इस बार कोई ढील देने के मूड में नहीं है।
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