नई दिल्ली। बजट 2019 के प्रस्ताव के तहत 7.75 लाख रुपए सालाना वेतन पाने वाला एक वेतनभोगी कर्मचारी विभिन्न टैक्स सेविंग योजनाओं और विभिन्न कर छूट सुविधाओं का लाभ उठाकर अपनी कर योग्य आय को 5 लाख रुपए से कम कर सकता है और वित्त वर्ष 2019-20 में कोई भी टैक्स देने से बच सकता है। इस तरह से एक व्यक्ति 15080 रुपए का टैक्स बचा सकता है, जो उसने मौजूदा वित्त वर्ष 2018-19 में दिया है।
आइए समझते हैं इसका पूरा गणित। मान लीजिए वित्त वर्ष 2019-20 के लिए आपकी सकल कुल आय 7.75 लाख रुपए है। सबसे पहले आप 50,000 रुपए की स्टैंडर्ड कटौती के योग्य है, जो पहले 40,000 रुपए थी। सरकार ने स्टैंडर्ड कटौती की रकम को 40 हजार से बढ़ाकर 50 हजार करने की घोषणा की है।
अब आप 1.5 लाख रुपए का निवेश धारा 80सी के तहत आने वाले किसी भी टैक्स सेविंग योजना जैसे पीपीएफ, ईपीएफ आदि में कर सकते हैं। इस रकम को आप अपनी कुल सकल आय में से घटा सकते हैं। इसके आद 50,000 रुपए का निवेश नेशनल पेंशन स्कीम के तहत कर 80सीसीडी (1बी) के तहत कर छूट का लाभ ले सकते हैं।
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इसके बाद आप अपने एवं अपने परिवार के लिए मेडिकल इंश्योरेंस पॉलिसी लेकर 25,000 रुपए का प्रीमियम देकर इसे भी कुल आय में से कम कर सकते हैं। यदि आप अपने वरिष्ठ नागरिक माता-पिता के लिए भी मेडिकल इंश्योरेंस लेते हैं तो यह राशि और बढ़ सकती है।
मान लीजिए आपको 10,000 रुपए की अन्य ब्याज आय भी हुई तो आप इसे भी कर छूट के लिए धारा 80टीटीए में दावा कर सकते हैं। ऊपर बताए गए सभी छूट दावे करने के बाद आपकी सकल कुल आय घटकर करयोग्य आय 5 लाख रुपए तक आ जाएगी, जो कर मुक्त है।
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