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Hindi News पैसा बजट 2022 आम बजट 2019: 'राहुल जी एसी कमरे में रहते हैं और देश में क्या चल रहा है इससे बिल्कुल अंजान हैं'

आम बजट 2019: 'राहुल जी एसी कमरे में रहते हैं और देश में क्या चल रहा है इससे बिल्कुल अंजान हैं'

वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि राहुल गांधी जी एसी कमरे में बैठे रहते हैं और देश में क्या चल रहा है इससे बिल्कुल डिस्कनेक्ट रहते हैं।

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नई दिल्ली: मोदी सरकार अपने कार्यकाल के आखिरी और अंतरिम बजट पेश करने के बाद शुक्रवार शाम वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि राहुल गांधी जी एसी कमरे में बैठे रहते हैं और देश में क्या चल रहा है इससे बिल्कुल डिस्कनेक्ट रहते हैं। जमीनी हकीकत के बारे में उन्हें पता नहीं इसलिए वे सरकार को लेकर भ्रम फलाते रहते हैं। पीयूष गोयल ने इंडिया टीवी के एडिटर इन चीफ रजत शर्मा के शो आज की बात में ये बातें कही।

उन्होंने कहा कि जिस जर्जर हालत में कांग्रेस छोड़कर गई थी उसे कुशलता पूर्वक मोदी जी के नेतृत्व में इस सरकार ने सुधारा और वापस पटरी पर लाने का भरपूर प्रयास कर रही है। उन्होंने कांग्रेस नेता मल्किकार्जुन खड़गे पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने कभी किसानों की चिंता नहीं की। पीयूष गोल ने कहा कि मोदी जी ने मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए टैक्स का बोझकम करने के लिए हर बजट में साहसिक कदम उठाए। 

वित्त मंत्री ने अंतरिम बजट में मानक कटौती को दस हजार रुपये बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया। इससे विभन्न आयवर्ग के करदाताओं को उनकी वार्षिक आय के लिहाज से 2, 080 रुपये से लेकर 3,588 रुपये तक का कर लाभ होगा। इसके साथ ही बैंकों और डाकघर की जमा पर मिलने वाले ब्याज पर स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) सीमा को मौजूदा दस हजार से बढ़ाकर चालीस हजार रुपये कर दिया गया है। यानी अब 40,000 रुपये तक के ब्याज पर टीडीएस नहीं काटा जायेगा। किराये से होने वाले 2.40 लाख रुपये तक की आय को भी टीडीएस से छूट दी गई है। वर्तमान में 1.80 लाख रुपये तक की किराया आय टीडीएस से छूट प्राप्त है। 

गोयल ने 2019- 20 के लिये कुल 27 लाख 84 हजार 200 करोड़ रुपये के व्यय का बजट पेश किया है। चालू वित्त वर्ष 2018- 19 में कुल व्यय 24 लाख 42 हजार 2013 करोड़ रुपये के बजट अनुमान से बढ़कर संशोधित अनुमान में 24 लाख 57 हजार 235 करोड़ रुपये हो गया। अगले वित्त वर्ष का बजट इस साल के संशोधित अनुमान से 13.30 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। अगले साल के दौरान केन्द्रीय प्रायोजित योजनाओं के लिये 3 लाख 27 हजार 679 करोड़ रुपये का आवंटन किये जाने का प्रस्ताव है जो कि 2018- 19 के संशोधित अनुमान में तीन लाख 04 हजार 849 करोड़ रुपये रही है। राष्ट्रीय शिक्षा मिशन का आवंटन 32 हजार 334 के संशोधित अनुमान से बढ़ाकर 38 हजार 572 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव किया गया है। 

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