नई दिल्ली। गौतम अडाणी का अडाणी ग्रुप एयर इंडिया को खरीदने की रेस में शामिल हो सकता है। सूत्रों के द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक कंपनी बोली से जुड़े कागजातों, नियमों और शर्तों की समीक्षा कर रही है। जिसके बाद बोली लगाने पर जल्द फैसला लिया जा सकता है। सरकार एयर इंडिया में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचने जा रही है। वहीं ग्राउंड हैंडलिंग यूनिट में 50 फीसदी हिस्सा बेचने की भी योजना है।
सूत्रों ने जानकारी दी कि अडाणी ग्रुप की टीम इस बारे में काम कर रही है, फिलहाल कंपनी रेस में शामिल होना चाहती है, हालांकि अंतिम फैसला सभी पहलुओं को देख कर लिया जाएगा। अगर कंपनी एयर इंडिया को खरीदने की इच्छा सामने रखती है तो उसे रेस में टाटा ग्रुप, हिंदुजा, इंडिगो और न्यूयॉर्क स्थित एक फंड से मुकाबला करना पड़ सकता है। बोली में शामिल होने की अंतिम सीमा अगले महीने खत्म हो रही है।
एयर इंडिया को पिछले साल घाटा उठाना पड़ा है। 2018 में एयर इंडिया को बेचने की कोशिश नाकाम हो चुकी है। उस वक्त सरकार ने एयरलाइन में 76 फीसदी हिस्सेदारी बेचने का फैसला लिया था। हालांकि इस बार सरकार पूरा हिस्सा बेचने की कोशिश में है। वहीं एयरइंडिया पर 31 मार्च 2019 कुल 60074 करोड़ रुपये का कर्ज है। खरीदार को इस कर्ज में से सिर्फ 23286 करोड़ रुपये का बोझ ही उठाना होगा, बाकी का हिस्सा एक स्पेशल पर्पज व्हीकल एयर इंडिया एसेट होल्डिंग में ट्रांसफर होंगे। इसके अलावा कंपनी के नॉन कोर एसेट जैसे पेंटिंग्स और आर्टिफैक्ट के साथ दूसरे नॉन ऑपरेशनल एसेट भी एसपीवी में ट्रांसफऱ होंगे।
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